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    'सूर्यवंशी' फिल्म रिव्यू: अक्षय कुमार के एक्शन और स्वैग में निकल जाती है रोहित शेट्टी की फिल्म

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    Rating:
    2.5/5

    निर्देशक- रोहित शेट्टी

    कलाकार- अक्षय कुमार, कैटरीना कैफ, रणवीर सिंह, अजय देवगन, गुलशन ग्रोवर, जैकी श्रॉफ, अभिमन्यु सिंह

    लगभग डेढ़ सालों के लंबे इंतजार के बाद रोहित शेट्टी की फिल्म 'सूर्यवंशी' बड़े पर्दे पर रिलीज हुई है। देश भर में थियेटर्स खुल चुके हैं और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह किसी उत्सव से कम नहीं। सिंघम और सिंबा के बाद, रोहित शेट्टी के कॉप यूनिवर्य में एंट्री हुई है आतंकवाद-रोधी दस्ते के प्रमुख डीसीपी वीर सूर्यवंशी की, जो मुंबई को अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमलों से बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

    sooryavanshi-movie-review

    "इस देश में जितनी नफरत कसाब के लिए है, उतनी ही इज्ज़त कलाम के लिए भी है"; पूछताछ के दौरान आतंकी कदर ओमानी से वीर सूर्यवंशी (अक्षय कुमार) कहता है। सूर्यवंशी जिसे नाम भूलने की बीमारी है, हर अगले मिनट में धर्मनिरपेक्षता और देशभक्ति पर डायलॉग बोलना जरूर याद रखता है।

    कहानी

    कहानी

    'आंख के बदले में आंख पूरे विश्व को अंधा बना देगी'; इसी कथन के आधार पर बनी है पूरी फिल्म। 1993 के धमाकों से लेकर 26/11 ताज हमले तक; अजय देवगन की दमदार आवाज हमें मुंबई में हुए हमलों की याद दिलाते हैं। साथ ही बताया जाता है कि शहर में अभी तक का सबसे बड़ा हमला होना बाकी है। 1993 धमाके के दौरान आतंकी एक टन आरडीएक्स लेकर भारत आए थे। जिसमें से 400 किलो का इस्मेताल उस वक्त सीरियल धमाके में किया गया था, जबकि 600 किलो आरडीएक्स भारत में ही छिपाकर रखा गया था। अब लश्कर के कुछ स्लीपर सेल फिर से सक्रिय हो गए हैं। इस बार लश्कर के सबसे बड़े हमले से शहर को बचाने के लिए आते हैं डीसीपी वीर सूर्यवंशी.. देश के प्रति समर्पित और अपने काम में बेस्ट।

    पड़ोसी मुल्क में बैठा लश्कर का चीफ उमर हफीज़ (जैकी श्रॉफ) अपने खास लोगों को हमले को अंजाम देने के लिए भारत भेजता है। सभी आतंकी सालों तक भारत में ही दुबके रहते हैं.. अलग अलग, अपने भेष और नाम बदलकर। सूर्यवंशी धीरे धीरे कर स्लीपर सेल के सभी आतंकियों तक पहुंचता है और लक्ष्य तक पहुंचने में उसकी मदद करने पहुंचते हैं उसके पुराने सहयोगी सिंघम (अजय देवगन) और सिम्बा (रणवीर सिंह)।

    निर्देशन

    निर्देशन

    हीरो की स्लो मोशन में तड़कती भड़कती एंट्री, उनका स्टाइल, ब्लास्ट से उड़ती गाड़ियां.. रोहित शेट्टी की इस फिल्म में भी ये सभी कुछ देखने मिलेगा। लेकिन फिल्म जहां मार खाती है, वो है पटकथा। फिल्म में नयापन नहीं दिखता। हमने अक्षय कुमार को पहले भी इस अंदाज में देखा है और कैटरीना कैफ को भी। सिंघम और सिंबा की कहानियों में काफी अंतर था, जिस वजह से दर्शकों ने दोनों फिल्मों को और दोनों किरदारों को बराबर प्यार से अपनाया। लेकिन सूर्यवंशी अक्षय कुमार को वह स्पेस नहीं देता। रोहित शेट्टी ने फिल्म में सेक्यूलरिज़्म पर भर भर कर इतने संवाद डाले हैं, कि एक मौके पर मिलाप झावेरी की फिल्में याद आ जाती हैं।

    अभिनय

    अभिनय

    डेयरडेविल कॉप बने अक्षय कुमार ने अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया है। एक्शन, हल्की फुल्की कॉमेडी, रोमांस.. अक्षय कुमार का हर अंदाज इस फिल्म में फैंस देख सकते है। सीटीमार एंट्री सीन से लेकर बाइक, कार, हेलीकॉप्टर पर किये स्टंट सीन्स में अभिनेता एक बार दिल जीतते हैं। सेकेंड हॉफ में सिंघम और सिंबा बने अजय देवगन और रणवीर सिंह दमदार दिखे हैं। कुछ ही मिनटों में दोनों अपना प्रभाव छोड़ते हैं। कैटरीना कैफ एक मेहनती कलाकार हैं और उन्होंने यहां भी अपना बेस्ट देने की कोशिश की है.. लेकिन उनके किरदार का आधार बेहद कमजोर है। ना के बराबर संवाद और भूले भटके कुछ सीन्स में वो दिख जाती हैं, जिससे दर्शकों को सिर्फ याद भर रहता है कि वो भी फिल्म का हिस्सा हैं। सहायक कलाकारों में आतंकवादी गिरोह के चीफ उमर हफीज़ बने जैकी श्रॉफ, एटीएस प्रमुख कबीर श्रॉफ बने जावेद जाफरी समेत गुलशन ग्रोवर, कुमुद मिश्रा, सिकंदर खेर, अभिमन्यु सिंह, निकितिन धीर ने अच्छा काम किया है।

    तकनीकी पक्ष

    तकनीकी पक्ष

    सुनील रॉड्रिग्स और रोहित शेट्टी द्वारा डिजाइन की गई एक्शन कोरियोग्राफी काफी बड़े पर शूट की गई लगती है। लेकिन इनमें कुछ नयापन नहीं दिखता। अक्षय कुमार, अजय देवगन और रणवीर सिंह.. तीनों ही एक्शन सीन्स देने में माहिर हैं; तीनों अभिनेताओं का अपना अलग अंदाज़ है, जिसमें उन्होंने एक्शन सीक्वेंस को भी ढ़ाला है। इनकी एंट्री सीन से लेकर क्लाईमैक्स तक फिल्म में भरपूर एक्शन सीक्वेंस हैं। बहरहाल, सूर्यवंशी का बैकग्राउंड स्कोर मूड सेट करता है। जोमोन टी जॉन की सिनेमेटोग्राफी प्रभावी है। मुंबई से लेकर मॉरिसस तक में फिल्माए एक्शन सीक्वेंस पर्दे पर खूबसूरत दिखते हैं। जिस सीक्वेंस में अक्षय जॉन (सिकंदर खेर) का पीछा कर रहे हैं, वह देखने लायक है।

    संगीत

    संगीत

    फिल्म में दो गाने हैं मेरे यारा और टिप टिप बरसा पानी.. अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ पर फिल्माये ये गाने कहानी के बीच काफी असंगत लगते हैं। सिर्फ रोमांस दिखाने के लिए डाले गए ये गाने प्रभावित नहीं करते। अंत में क्रेडिट्स के दौरान आया 'आइला रे आइला' दर्शकों को एक बेहतर मूड के साथ छोड़ता है।

    क्या अच्छा क्या बुरा

    क्या अच्छा क्या बुरा

    फिल्म की स्टारकास्ट और सिनेमेटोग्राफी फिल्म के मजबूत पक्षों में हैं। अक्षय कुमार और रोहित शेट्टी इस फिल्म के साथ पहली बार साथ आए हैं। लिहाजा, एक्शन और स्टाइल में दोनों की छाप दिखती है। जबकि पटकथा बेहद कमजोर है। कहानी में कोई भी नयापन या मिस्ट्री नहीं दिखता। साथ ही कैटरीना कैफ के किरदार को अहमियत ना देना खलता है।

    देंखे या ना देंखे

    देंखे या ना देंखे

    लगभग डेढ़ सालों के इंतजार के बाद रोहित शेट्टी की सूर्यवंशी सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। कहना गलत नहीं होगा कि ये फिल्म बड़ी स्क्रीन के लिए बनी है। अभिनेताओं की सीटीमार एंट्री और सिनेमेटोग्राफी बड़े पर्दे पर कमाल करती है। फिल्म की कहानी काफी कमजोर है, लेकिन अगर आप हाई वोल्टेज एक्शन फिल्मों के प्रशंसक हैं, तो इसे एक बार देख सकते हैं। अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ की सूर्यवंशी को फिल्मीबीट की ओर से 2.5 स्टार।

    English summary
    With Sooryavanshi Rohit Shetty has offered every possible thing what fans expect from his films. Akshay Kumar and Katrina Kaif starrrer this film is full of style, swag and action. However, story is weak.
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