Skyforce Review: सितारे की तरह चमके अक्षय कुमार, एक्टिंग पर वीर पहाड़िया की पकड़ अभी है ढीली

Star cast: Akshay Kumar, Veer Pahariya, Nimrat Kaur, Sara Ali Khan
Directors: Abhishek Anil Kapur and Sandeep Kewlani
Skyforce Movie Review: बॉलीवुड ने पिछले कुछ सालों में बहुत सारी देशभक्ति के जज्बे से भरी फिल्में दर्शकों के सामने पेश की है। गणतंत्र दिवस कुछ ही दिन दूर है तो भला बॉलीवुड के मेकर्स इस मौके को कैसे गंवा सकते हैं। 24 जनवरी को रिलीज होने वाली है अक्षय कुमार, वीर पहाड़िया स्टारर फिल्म 'स्काईफोर्स'।
ये फिल्म एक बार फिर से 1965 के जंग की यादों को ताजा करेगी और आपके दिलों में सीमा पर तैनात जवानों के लिए सम्मान की भावना लेकर आएगी, जो अपने देश को बचाने के लिए अपने परिवार की खुशियों को भी ताक पर रखने के लिए तैयार हो जाते हैं। तो क्या अभिषेक अनिल कपूर और संदीप केवलानी की ये फिल्म इतिहास के पन्नों से कुछ नया लेकर आई है? क्या इस गणतंत्र दिवस के मौके पर ये फिल्म आपकी आंखों को नम करने का माद्दा रखती है? आइए इस रिव्यू में जानें...
क्या है कहानी
सच्ची घटना पर आधारित इस फिल्म में अक्षय ने ग्रुप कमांडिंग ऑफिसर ओपी आहूजा का किरदार निभाया है। नए हीरो वीर पहाड़िया ने टाइगर स्क्वाड्रन में एक रिबेल पायलट टीके विजया उर्फ टैबी का रोल निभाया है। टैबी एक होनहार इंडियन एयरफोर्स का पायलट है जो अपने देश के लिए कभी भी जान देने को तैयार रहता है। टैबी के अंदर जुनून है.. पागलपन है और जज्बा तो कूट-कूटकर भरा है लेकिन टैबी का यही हुनर मैनेजमेंट को खतरनाक लगता है और 1965 की एयरस्ट्राइक में उसे हिस्सा लेने से मना कर दिया जाता है, ताकि वो कोई गड़बड़ ना कर दे। लेकिन अपने सीनियर अधिकारी के ऑर्डर के खिलाफ जाकर, वह दुश्मनों से लड़ने के लिए पाकिस्तान में एंटर करता है। इससे भारतीय वायुसेना में कई लोगों की भौंहें तन जाती हैं। वो लापता हो जाता है और उसे ढूंढने का जिम्मा अक्षय यानि ओपी आहूजा लेता है। स्काईफोर्स मिशन के बाद टैबी और उसके विमान का क्या हुआ इसी पर फिल्म की कहानी आधारित है।
कैसी है एक्टिंग
ये पूरी फिल्म कुछ एक्टर्स के इर्द-गिर्द ही घूमती हुई आपको नजर आएगी। इस फिल्म में वीर पहाड़िया ने अपना डेब्यू किया है और वीर ने इस फिल्म में अपना 100 पर्सेंट देने की कोशिश की है लेकिन अभी उनकी एक्टिंग में ज्यादा शार्पनेस नहीं आई है। उन्हें कई मौकों पर शाइन करने का मौका दिया गया लेकिन वो अपनी चमक ज्यादा बिखेर नहीं पाए। वहीं, अक्षय हर बार की तरह अपने रोल में काफी दमदार लगे। निमृत कौर ने भी अच्छा काम किया और सारा अली खान भी कुछ सीन को छोड़कर अपने पुराने एक्सप्रेशन देती ही नजर आईं। पाकिस्तानी आर्मी के एयरफोर्स ऑफिसर का रोल निभाने वाले शरद केलकर ने भी बेहतरीन अदाकारी दिखाई है।
कैसा है डायरेक्शन
मैडॉक्क फिल्म्स ने पहली बार इस तरह के जॉनरा को हाथ लगाया है लेकिन दाद देने वाली बात यह है कि इस फिल्म में उन्होंने पहली बार में ही काफी कमाल के शॉट्स दिखाए हैं। एरियल शॉट्स इतने गजब के थे के आपके रोंगटे खड़े कर सकते हैं। सीमित समय में फिल्म की कहानी को बेहतरीन ढंग से दिखाने की कोशिश की गई है। कहीं-कहीं फिल्म में ठहराव सा नजर आता है तो कई हिस्सों में फिल्म भागती नजर आ सकती है। वीर पहाड़िया को इस फिल्म का हीरो दिखाने की कोशिश की गई है लेकिन अंत में तो बाजी अक्षय ही मार ले गए। फिल्म का फर्स्ट हाफ थोड़ा स्लो जरूर लग सकता है लेकिन कहानी अपना असली टर्न दूसरे हाफ में लेती है, जो आपको रोमांचित कर सकता है।
फाइनल रिव्यू
26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर फिल्म को एक बार तो आप देख ही सकते हैं। इस फिल्म के जरिए आपके अंदर जवानों के जज्बातों को समझने का मौका मिलेगा। फिल्म में एरियल स्टंट कमाल के हैं अगर आपको ऋतिक रोशन की 'फाइटर' पसंद आई थी तो ये फिल्म आपको तो और ज्यादा पसंद आ सकती है। फिल्मीबीट हिंदी की तरफ से इस फिल्म को मिलते हैं 3 स्टार।


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