सिंघम रिटर्न्स फिल्म रिव्यू- अता माझी सटकली
निर्माता- रिलायंस एंटरटेनमेंट, अजय देवगन, रोहित शेट्टी
निर्देशक- रोहित शेट्टी
कलाकार- करीना कपूर, अजय देवगन, अनुपम खेर, अमोल गुप्ते, दयानंद शे्टटी
संगीत- जीत गांगुली, अंकित तिवारी, हनी सिंह, मीत ब्रदर्स अंजान
स्टार- 2
जैसा कि फिल्म के प्रमोशन के दौरान भी रोहित शेट्टी, अजय देवगन ने सभी को यकीन दिलाया था कि शहर बदला है लेकिन बाजीराव सिंघम नहीं, तो सिंघम रिटर्न्स में असल में सिर्फ र्शहर ही बदला है। रोहित शेट्टी ने पूरी कोशिश की है कि सिंघम फिल्म में वो सारी खूबियां बनाए रखने की जिनकी वजह से आज भी सिंघम लोगों की पसंदीदा फिल्म है। लेकिन कहीं ना कहीं सिंघम रिटर्न्स दर्शकों की हद से ज्यादा बढ़ी उम्मीदों को पूरा कर सकने में नाकामयाब रही। फिल्म की कहानी शुरु से अंत तक काफी बोझिल रही और एक्शन के सिवा कॉमेडी या रोमांस का तड़का कुछ खास लोगों पर प्रभाव नहीं डाल पाया।
सिंघम रिटर्न्स के कुछ संवाद काफी बेहतरीन थे जैसे कि "अता माझी सटकली" "जब 27 हजार पुलिस वाले जागते हैं तभी 2 करोड़ शहर वाले चैन की नींद सोते हैं।" "मैं लेता नहीं सिर्फ देता हूं" आदि लेकिन सिंघम के डायलॉग्स जो कि आज भी लोगों की जुबां पर चढ़े हुए हैं जैसे कि अता माझी सटकली उसे सिंघम रिटर्न्स में दोहराया गया, कोई ऐसा नया संवाद नहीं डाला गया है फिल्म में जो कि लोगों की जुबां पर चढ़ जाए। हालांकि सिंघम रिटर्न्स में इसी हिट हुए संवाद को थोड़ा और हाइप देने के लिए हनी सिंह की आवाज में एक पूरा गाना ही इसपर फिल्मा दिया गया है।
अदाकारी की बात करें तो अजय देवगन ने बाजीराव सिंघम के रुप में वही काम किया है जो कि वो सिंघम में कर चुके हैं। वही ऐटीट्यूड, वही गुस्सा और वही पुलिसगीरी। सिंघम रिटर्न्स में सिर्फ बाजीराव सिंघम का शहर बदल गया और उनका प्यार बदल गया बाकी सब वही पुराना ही रह गया। फिल्म की कहानी में भी कुछ नयापन नहीं लगा। सिर्फ इस बार बाजीराव मुंबई में हो रहे काले धन के लेन देन की समस्या से निपट रहे हैं।


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