Satyaprem Ki Katha Movie Review: रोमांस, ड्रामा, आंसू, हंसी.. कार्तिक- कियारा की ये 'कथा' छूती है दिल!

निर्देशक- समीर विद्वांस
कलाकार- कार्तिक आर्यन, कियारा आडवाणी, गजराज राव, सुप्रिया पाठक, राजपाल यादव, सिद्धार्थ रंदेरिया, अनुराधा पटेल
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"कुछ सच ऐसे होते हैं जो दूसरे को बर्दाश्त नहीं होते और कुछ जो खुद को बर्दाश्त नहीं होते", सामने बैठी कथा (कियारा आडवाणी) भरी आंखों के साथ सत्यप्रेम (कार्तिक आर्यन) से कहती है। फिल्म की कहानी इसी सच को स्वीकारने और सबके सामने रखने की है।
सत्यप्रेम उर्फ सत्तू को पहली नजर में ही कथा से प्यार हो जाता है, जो एक संपन्न गुजराती परिवार की खूबसूरत और महत्वकांक्षी लड़की है। लेकिन उनकी प्रेम कहानी उतनी सरल नहीं, जितनी सत्तू ने सोची थी।
कहानी
लॉ की परीक्षा में फेल और बेरोजगार सत्यप्रेम एक मध्यमवर्गीय परिवार का लड़का है, जिसका घर उसकी मां और बहन चलाती हैं। दोस्त के नाम पर उसके पास पिता हैं और ख्वाबों के नाम पर 'कथा'। नवरात्रि के मौके पर उसकी नजर कथा पर पड़ती है और उसे पहली नजर में प्यार हो जाता है। हालांकि सत्तू को पता है कि कथा उसकी लीग से काफी बाहर है। लेकिन किस्मत ने दोनों के लिए कुछ और ही सोच रखा है। परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि अचानक दोनों की शादी हो जाती है। सत्तू के दिल में हैरानी और खुशी भरी होती है.. लेकिन कथा दिल में एक रहस्य का बोझ रखती है। नजदीक रहकर भी दोनों दूर हैं। ऐसे में सत्यप्रेम कैसे कथा को अपना बनाता है और उसके दिल से हर बोझ उतार देने के लिए हिम्मत देता है.. यही कहानी का सार है।
अभिनय
कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी की केमिस्ट्री इस फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष है। दोनों के बीच एक अनकही सहजता है, जो इस कहानी के लिए बेहद जरूरी थी। कार्तिक की बात करें तो, जहां गानों में उनकी एनर्जी दिखती है, वहीं वो इमोशनल सीन्स में चेहरे पर एक गंभीरता और भावुकता लाते हैं। अपने परिवार के साथ एक थका हारा लड़के के तौर पर भी वो फिट बैठते हैं और प्यार में डूबे सत्यप्रेम बनकर भी सहज दिखते हैं। कियारा इस फिल्म की सरप्राइज पैकेज हैं। उनके किरदार में एक ठहराव की जरूरत थी, जो एक्ट्रेस ने बखूबी पकड़ा है। कोई शक नहीं कि ये कियारा का अब तक का बेस्ट परफॉर्मेंस है। एक्ट्रेस ने एक जटिल भूमिका में अच्छा और संयमित प्रदर्शन किया है। गजराज राव, सुप्रिया पाठक और सिद्धार्थ रंदेरिया जैसे कलाकारों ने अपने किरदार को पूरी सच्चाई के साथ जीया है। हालांकि राजपाल यादव एक कैमियो में और कमाल कर सकते थे, निर्देशक ने उनकी क्षमता को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है।
निर्देशन व तकनीकी पक्ष
फिल्म एक लव स्टोरी है, लेकिन यह सिर्फ उतने में ही सीमित नहीं है। समीर विद्वांस निर्देशित ये कहानी एक मैसेज भी देती है, जो गंभीर है और इस लव स्टोरी को भावुकता के करीब भी ले जाती है। कहानी के बारे में ज्यादा कुछ खुलासा किये बिना, इतना ही कहा जा सकता है कि निर्देशक ने फिल्म के माध्यम से बहुत ही संवेदनशीलता के साथ, एंटरटनमेंट के साथ एक महत्वपूर्ण मैसेज दिया है। ये उपदेश नहीं देती.. और यही बात इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाती है। हालांकि, कहना गलत नहीं होगा कि सत्यप्रेम की कथा उस तरह की फिल्म नहीं है जैसी आपने ट्रेलर में देखी थी। फिल्म में गुदगुदाने वाली कॉमेडी नहीं है, बल्कि यह बेहद इंटेंस है। पटकथा के स्तर पर फिल्म थोड़ी डांवाडोल होती है, खासकर फर्स्ट हॉफ में.. लेकिन सराहनीय प्रदर्शन, शानदार सपोर्टिंग स्टारकास्ट और स्क्रिप्ट में कुछ ताजगी लिए फिल्म आगे बढ़ती है। फिल्म का प्रोडक्शन डिजाइन और उसकी सिनेमेटोग्राफी बेहतरीन है। समीर विद्वांस ने कार्तिक और कियारा की केमिस्ट्री को जिस तरह पर्दे पर उतारा है, वो जाहिर तौर से फिल्म की हाईलाइट है।
संगीत
यह एक म्यूजिकल फिल्म है, लिहाजा फिल्म के गानों से काफी उम्मीदें थीं। फिल्म का म्यूजिक मीत ब्रदर्स, अंजन, तनिष्क बागची, मनन भारद्वाज, पायल देव और रोचक कोहली ने तैयार किया है। गाने के बोल कुमार, ए. एम. तुराज़, तनिष्क बागची, मनन भारद्वाज और गुरप्रीत सैनी ने लिखे हैं। देखा जाए तो फिल्म के साउंडट्रैक को काफी मिक्स रखा गया है। जहां 'गुज्जु पटाखा' के साथ कार्तिक की धमाकेदार एंट्री परफेक्ट लगती है, वहीं 'आज के बाद' आपको थोड़ा रोमांटिक और इमोशनल करती है। ये दो गाने फिल्म के बाद भी आपको याद रहते हैं।
रेटिंग
सत्यप्रेम की कथा एक खूबसूरत लेकिन भावुक प्रेम कहानी है, जो दिल छूती है। वहीं, कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी की केमिस्ट्री फिल्म को मजबूत बनाती है। फिल्मीबीट की ओर से 'सत्यप्रेम की कथा' को 4 स्टार।


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