Saheb Biwi Aur Gangster 3 Review: कहानी और डायरेक्शन में निराश करती है फिल्म, डायलॉग दमदार
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'सारी गलत आदतें तो आपने लगाई हैं, बाकी तबाह होने में इस हवेली ने साथ दिया। यहां बुरे काम करने की लत लग जाती है।' ये बात जब माधवी देवी के किरदार में माही, राजा आदित्य प्रताप सिंह यानी जिमी शेरगिल से कहती हैं तो ऑडिएंस की दिलचस्पी और भी बढ़ जाती है। वहीं तिग्मांशू धूलिया की साहब बीवी और गैंगस्टर 3 में आपको धक्का तब लगता है जब खराब स्क्रीन प्ले के चलते फिल्म का सारा मजा बर्बाद हो जाता है।

साहब बीवी और गैंगस्टर 3 जिमी शेरगिल और माही गिल के किरदार को बड़े ही दिलचस्प तरीके से और भी टेढ़ा बना कर पेश करती है। इनके साथ हैं संजय दत्त और चित्रांगदा सिंह। फिल्म की शुरूआत लंदन में होती है जहां उदय (संजय दत्त) हाउस और लॉर्ड्स नाम के क्लब में जाता है और रशियन रौलेट खेलता है। तभी बैकग्राउंड में एक गाना चल रहा होता है जो कुछ इस तरह से होता है.. "ही इज द बाबा, ले आया तेरा बाप".. फिल्म में ज्यादातर जब भी संजय दत्त स्क्रीन पर दिखाई देते हैं तब ये गाना सुनाई देता है। वहीं 'बाबा' अपनी मिस्ट्रेस सुहानी (चित्रांगदा सिंह) के प्यार में पूरी तरह से डूबे हुए हैं।
फिल्म में एक वक्त पर संजय दत्त कहते हैं कि 'जिंदगी का मजा हमने बहुत कल लिया, अब वापस लौटा हूं जिंदगी भर का मजा लूंगा।'.. हालांकि ये साहब बीवी और गैंगस्टर 3 उन्हें ये मौका नहीं देती। फिल्म की बात करें तो फिल्म की थोड़ी-बहुत बातें ही आपका ध्यान खींच पाएंगी। तिग्मांशू धूलिया की फिल्म साहब बीवी और गैंगस्टर 3 के डायलॉग्स और परफॉर्मेंस काफी दमदार है लेकिन खराब स्क्रीन प्ले और लेखन ने मजा किरकिरा कर दिया है।


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