सांड की आंख फिल्म रिव्यू: सही निशाने पर लगी है 'शूटर दादी' की अद्भुत कहानी, दिल को छू जाएगी
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प्रकाशी तोमर का निशाना ठीक जाकर 'Bull's Eye' पर हिट होता है, तो कोच हंसकर उत्साहवश सवाल करता है- तुम दोनों दादियां क्या खाती हो कि इतना पक्का निशाना लगता है? ''गाली..'', गंभीरता के साथ प्रकाशी जवाब देती है।
यह जवाब कोच के साथ साथ दर्शकों को भी खोखला कर जाता है। कहानी में एक ओर जहां महिलाओं की स्थिति पर बात होती है.. वहीं दूसरी ओर सपनों के उड़ान की अहमियत दिखाई गई है। ''तन बुड्ढा होता है, मन बुड्ढा नहीं होता'', हाथों में बंदूक थामे जब चंद्रो तोमर यह संवाद करती है तो संवेदनाओं के साथ साथ आपके मन में एक सम्मान भी उमड़ता है। भारत की सबसे उम्रदराज शार्पशूटर्स चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर की यह कहानी बदलते समय के साथ नारी सशक्तिकरण को पेश करती है।


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