रू-ब-रू: दिखाती आज की कहानी

रू-ब-रू दो आधुनिक और महत्वाकांक्षी प्रेमियों की कहानी है। तारा (शहाना गोस्वामी) और निखिल (रणदीप हुडा) दोनों लिव इन रिलेशनसिप में है। तारा चाहती है कि निखिल जल्दी से शादी कर ले।
लेकिन निखिल अपनी व्यस्त जिंदगी में तारा की बातों पर ध्यान नहीं दे पाता। कुछ समय के बाद तो वह किसी भी संबंध की मजबूती के लिए जरूरी छोटी-छोटी बातों को भूलने लगता है। वह परिवार और प्रेमिका की अधिक परवाह नहीं करता। तारा अलग होने का फैसला करती है तभी कुछ जादुई और रहस्यपूर्ण घटता है।
इंटरवल के बाद फिल्म एक साइको थ्रिलर में बदल जाती है। पर अन्त में यह भाग्य और नियति के बीच घुमने लगती है। शहाना अपना 'राक आन' का जादू बरकरार रखती है, वहीं पर रणदीप 'डी' और 'रिस्क' वाली एक्शन इमेज से बाहर नहीं निकल पाते है।
उन्हें अपने डायलाग डिलिवरी पर ध्यान देने की जरूरत है। रति अग्निहोत्री और जयंत कृपलानी का रोल ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है। कुलभूषण खरबंदा ने ठीक काम किया है। इसका संगीत कामचलाऊ है। यदि आप बिना कोई उम्मीद लिए थियेटर जाएंगे तो आपको फिल्म अच्छी लग सकती है।


Click it and Unblock the Notifications











