दूसरों की ज़िंदगी चुराते-2 खुद चोरी हो गये 'रॉय'- फिल्म रिव्यू
हमें दूसरों की जिदंगी चुराकर जीने की आदत है, और मैं तो हूं ही चोर। रणबीर कपूर का ये डायलॉग फिल्म में उनके किरदार को ही नहीं बल्कि फिल्म में उनके अभिनय को भी जाहिर करता है। वो पूरा समय अभिनय से अपना मुंह चुराते हुए दिखे। रॉय फिल्म में अर्जुन कपूर, जैकलीन फर्नांडीज और रणबीर कपूर जैसे दिग्गज मौजूद हैं लेकिन इतने बेहतरीन कलाकारों के होने के बावजूद रॉय फिल्म में कुछ ऐसा नहीं जिसे देखकर दर्शक फिल्म की तारीफ करते हुए निकलें।
बहरहाल, आपको बता दें, फिल्म में 'रॉय' के किरदार को एक भ्रम बोलना ही सही होगा। कहानी शुरू होती है कबीर ग्रेवल (अर्जुन रामपाल) से, जो एक फिल्ममेकर हैं और आएशा (जैकलीन) हैं उनकी प्रेरणा। कबीर आएशा को अपनी प्रेरणा मानकर अपनी फिल्म की कहानी लिखता है। इस बीच दोनों साथ समय गुजारते हैं, जब आएशा को कबीर से प्यार से हो जाता है। लेकिन जब आएशा को यह पता चलता है कि कबीर उसे सिर्फ अपनी कहानी के लिए इस्तेमाल कर रहा है तो वह कबीर की जिंदगी से दूर हो जाती है।
टिया और रॉय (रणबीर कपूर) कबीर की फिल्म गन पार्ट 3 के किरदार हैं जिनकी जिंदगी कबीर और आएशा की जिंदगी से ही प्रेरित है। अब आयेशा और कबीर का क्या होता है और टिया व रॉय की क्या कहानी है ये जानने के लिए देखें रॉय
रॉय एक कॉमिक बुक की तरह प्रतीत होती है, जिसमें एक चोर है बहुत ही स्टाइलिश, हैंडसम और शातिर। जिसके पीछे पुलिस पड़ी है और जाने माने डिटेक्टिव उसे खोज निकालने के लिए आतुर हैं। वो इतना शातिर है कि खुद ही डिटेक्टिव को फोन करके अपने बारे में बताता भी है और खुद को बड़ी आसानी से मुश्किलों से निकाल भी लेता है। फिल्म का बेस्ट पार्ट है इसकी लोकेशन जो बेहद खूबसूरत हैं, खासतौर पर इसका असली मजा आएगा बड़े परदे पर देखते समय।


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