Rocky Aur Rani Kii Prem Kahaani Review: करण जौहर की एंटरटेनिंग फैमिली ड्रामा में रणवीर सिंह का तड़का

निर्देशक- करण जौहर
कलाकार- रणवीर सिंह, आलिया भट्ट, जया बच्चन, धर्मेंद्र, शबाना आज़मी, तोता रॉय चौधरी, चुरनी गांगुली, आमिर बशीर, क्षिती जोग
"खून के रिश्ते और मोहब्बत के रिश्ते एक जैसे नहीं होते, मोहब्बत के रिश्ते बनाए जाते हैं.." करण जौहर एक बार फिर प्यार, इश्क और मोहब्बत के बीच फैमिली का तड़का लेकर आए हैं। जहां इस बार उन्होंने कुछ गंभीर सोशल मैसेज भी देने की कोशिश की है।
अलग अलग व्यक्तित्व के लोग एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं.. यह हमने कई बार सुना है और करण जौहर ने इसे ही आधार भी बनाया है। एक तरफ है रंगीन मिजाज, वाचाल और बिजनेस घराने वाला पंजाबी लड़का रॉकी; तो दूसरी ओर है साउथ दिल्ली की एक सुशिक्षित बंगाली टेलीविजन न्यूज एंकर, रानी.. दोनों एक ट्विस्ट के साथ मिलते हैं और कुछ ही मुलाकातों में प्यार हो जाता है। चूंकि उनके परिवार इस रिश्ते का विरोध करते हैं, इसलिए वे रिश्ते को शादी तक ले जाने से पहले तीन महीने तक एक-दूसरे के घरों में रहने की प्लानिंग बनाते हैं।
कहानी
एक चमकते धमकते गाने के साथ रॉकी रंधावा (रणवीर सिंह) की एंट्री होती है, जो हमें करण जौहर की रंगीन, ग्लैमरस, मनोरंजक और मेलोड्रैमेटिक दुनिया में लेकर चलती है। रंधावा परिवार एक बड़ा बिजनेस घराना है, जिनकी मिठाइयां पूरी दिल्ली में मशहूर है। इस घर में रॉकी के अलावा, दादा, दादी, मां, पिता और बहन भी है। दादी (जया बच्चन) घर की मुखिया हैं, जिनके इशारे पर पूरा परिवार और बिजनेस चलता है। वहीं दादाजी (धर्मेंद्र) को भूलने की बीमारी है, लेकिन उन्हें सिर्फ एक ही नाम याद है जामिनी चटर्जी (शबाना आज़मी)। दादाजी को उनके पुराने प्यार से जोड़ने की कोशिश में रॉकी की मुलाकात होती है रानी चटर्जी (आलिया भट्ट) से, जो जामिनी की पोती है। पुरानी मोहब्बत को मिलाने के सिलसिले में रॉकी और रानी नजदीक आते हैं। लेकिन उनके दो बिल्कुल अलग परिवार, उनके प्यार की सबसे बड़ी परीक्षा बनते हैं।
यह फिल्म संस्कृतियों और व्यक्तित्वों के टकराव के बारे में भी है। यह दिखाती है कि लोग एक-दूसरे के प्रति कितने आलोचनात्मक हो सकते हैं। फिल्म में एक किरदार कहता है- "हम सब एक दूसरे को इतना कैंसिल करते रहेंगे तो कभी किसी को समझ ही नहीं पाएंगे!"
अभिनय
रॉकी रंधावा के किरदार में रणवीर सिंह पूरी तरह से जंचे हैं। वह मजेदार वन लाइनर्स भी उतनी ही सहजता से मार लेते हैं, जितनी खूबसूरती से भावुक दृश्यों को निभाते हैं। उनके किरदार में एक अल्हड़पन के साथ संवेदनशीलता है और रणवीर ने इसे बखूबी दिखाया है। आलिया भट्ट इमोशनल दृश्यों में प्रभावित करती हैं, लेकिन कई जगह वो ओवर द टॉप गई हैं। रंधावा परिवार की मुखिया के रूप में जया बच्चन क्रूर दिखी हैं और यही उनकी जीत है। रानी या रानी के पिता (तोता रॉय चौधरी) को जब वो अपमानित करती हैं, तो आप भी गुस्से से भर उठते हैं। शबाना आज़मी ने अपने किरदार को बखूबी जीया है। धर्मेंद्र छोटी लेकिन प्रभावशाली भूमिका में उभर कर सामने आते हैं। आमिर बशीर, नमित दास, तोता रॉय चौधरी, चुरनी गांगुली, क्षिती जोग अपने किरदारों में सराहनीय हैं।
निर्देशन व तकनीकी पक्ष
करण जौहर की फिल्मों से एक ही उम्मीद होती है- एंटरटेनमेंट.. और रॉकी- रानी इस मामले में सफल रही है। लेकिन इसे निर्देशक की बेस्ट फिल्म नहीं कही जा सकती है। करण जौहर की ये फिल्म बड़े पर्दे पर काफी खूबसूरत दिखती है, भव्य सेट्स, मनमोहक लोकेशंस, कलरफुल कॉस्ट्यूम, ये सब आपका ध्यान बांधे रखती है। इसमें रोमांस, इमोशंस, कॉमेडी, ड्रामा सबकुछ है, लेकिन फिल्म दिल की गहराई में उतरने से रह जाती है। इसके पीछे वजह है पटकथा। इशिता मोइत्रा, शशांक खेतान और सुमित रॉय द्वारा लिखी इस कहानी में किरदारों से या उनके अनुभवों को फील करने का आपको वक्त नहीं मिलता है। यहां ठहराव की कमी है। वहीं, कुछ हिस्सों में फिल्म ओवर द टॉप चली जाती है। इस फिल्म के जरीए करण जौहर ने पितृसत्ता, लैंगिक पूर्वाग्रह, स्त्री द्वेष, बॉडी शेमिंग जैसे मुद्दों को भी दिखाने की कोशिश की है। लेकिन वो कहानी को अधिक व्यंग्यपूर्ण या उपदेशात्मक नहीं बनाते हैं, यह अच्छी बात है। नितिन बैद की एडिटिंग थोड़ी और कसी हुई हो सकती थी। खासकर फिल्म का फर्स्ट हॉफ बेहद खिंचा हुआ लगता है। मानुष नंदन की सिनेमेटोग्राफी फिल्म को मजबूत बनाती है।
संगीत
करण जौहर की फिल्मों में संगीत हमेशा एक अहम और मजबूत हिस्सा रहा है। "रॉकी और रानी की प्रेम कहानी" इस मामले में औसत से ऊपर जाती है। फिल्म का संगीत प्रीतम ने तैयार किया है और गीत अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखे हैं। इन्होंने फिल्म के एल्बम को काफी मिक्स रखने की कोशिश की है। एक रोमांटिक ट्रैक, एक डांस नंबर तो एक दुख भरा गाना। "तुम क्या मिले", "झुमका" , "वे कमलेया", "ढिंढोरा बाजे रे" स्क्रीन पर खूबसूरत लगते हैं। लेकिन गानों में वो बात नहीं कि आप लंबे समय तक इसे याद रख पाएंगे।
रेटिंग
करण जौहर की फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी में ढ़ेर सारा ड्रामा है, रोमांस है, फैमिली है, इमोशंस हैं, कुछ सामाजिक मैसेज भी हैं। लेकिन कमी है तो जज्बात की। फिल्म दिल को गहराई तक छूने से चूक जाती है। फिल्मीबीट की ओर से 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' को 3 स्टार।


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