ताकि जिंदगी में कभी न हो अफसोस

कलाकार : कल्की कोचिन, रितिक रोशन, कर्ट्रीना कैफ, फरहान अख्तर, अभय देओल
निर्देशक : जोया अख्तर
रेटिंग : 3.5 -5
जिंदगी न मिलेगी दोबारा हमें जिंदगी में किसी भी बात का अफसोस न करने की सीख देती है। वह बताती है कि कैसे आप अपने आज को खुशहाल बना कर भविष्य को भी सुरक्षित और खुशियों से भरपूर बना सकते हैं। जिंदगी न मिलेगी दोबार उन आजाद परिंदों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी में अपनी अपनी कुछ परेशानियां हैं।
लेकिन इसके बावजूद वे उसे छुपा कर नये तरीके से अपनी जिंदगी जीना चाहते हैं। जिंदगी के हर स्वाद का मजा कैसे लिया जाता है। यह फिल्म के तीन किरदारों को देख कर आप अनुमान लगा सकते हैं। फिल्म जिंदगी न मिलेगी दोबारा जिंदगी में दोस्ती, प्यार व परिवार की अहमियत की कहानी है। दोस्ती की अहमियत जिंदगी में क्या होती है। फिल्म दर्शाती है।
आप भले ही कितनी भी दूर रहें। लेकिन सच्चे दोस्त आपकी परेशानी समझ लेते हैं। और उन्हें सुलझाने की कोशिश भी करते हैं। एक बिंदास, बेफिक्र दोस्ती की कहानी है जिंदगी। कोई दिखावापन नहीं, इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है। फिल्म में दो दोस्तों के बीच हुई गलतफहमियों की वजह से आये दो दोस्तों के खटास को केवल संवादों के हवाले से ही समझाने की कोशिश की गयी है।
उन पर आधारित दृश्य जबरन नहीं दर्शाये गये हैं। फिल्म की कहानी तीन दोस्तों के बीच की है। इमरान, अर्जुन, कबीर। तीनों स्कूल के दोस्त हैं। तीनों एक दूसरे से संपर्क में हैं। लेकिन मिलते नहीं। लेकिन उन्होंने स्कूल में एक रुल बनाया था कि वे एक टि्रप पर जायेंगे। और रूल कोई नहीं तोड़ेगा। कबीर परिवार के दबाव में नताशा से सगाई कर चुका है।
फिर भी वह अपने दोस्तों के साथ टि्रप पर जाता है। इमरान लेखक है। और अपने वास्तविक पिता की तलाश में है। अर्जुन करियर व शोहरत की चाहत में सबकुछ गंवा चुका एक निराश व्यक्ति। तीनों टि्रप के लिए स्पेन चुनते हैं। वहां उन्हें लैला मिलती है। लैला से मिलने के बाद अर्जुन जिंदगी में अपने हर डर को भूल जाता है।
इमरान को अपने वास्तविक पिता की तलाश है, जो उसे स्पेन में मिलते हैं। इस सफर में वे हर काम करते हैं जिनसे वे डरते हैं। तीनों के मन से डर निकालने के लिए निर्देशक ने तीन अलग अलग एडवेंचर्स टास्क चुने हैं। सी वॉटर में जाना, ऊंचाई में सैर करना और सांड़ के रेस में भाग लेना। सभी रोमांचित लेकिन कठिनाइयों से भरे टास्क होते हैं और वे उन्हें जीते हैं।
जोया अख्तर ने बतौर निर्देशिका फिल्म में कहीं भी बोर होने का मौका नहीं दिया है। इमरान के रूप में फरहान एक बेहद शरारती इंसान है। और उसकी हरकतें दर्शकों का खूब मनोरंजन करती है। कबीर के रूप में अभय ने बेहद संजीदगी से अपना किरदार निभाया है। रितिक ने बेहतरीन अभिनय तो किया है। कै टरीना ने रोमांचित लड़की के रूप में फिट बैठी हैं। कल्की ने अपने हिस्से का किरदार बखूबी निभाया है। फिल्म के हर दृश्य में आप महसूस करेंगे कि आप स्पेन अपनी छुट्टियां बीताने आये हैं। फिल्म के टोमटिना फेस्टिवल पर आधारित गीत दर्शकों को जरूर लुभाने में कामयाब रहेगा। फरहान अख्तर की हरकतों, शरारतों व मस्ती भरे अंदाज के साथ उनका शायराना अंदाज भी दर्शकों को जरूर लुभायेगा। फिल्म के गीतों में जहां भी डांसिंग स्टेप्स की बात आयी है, वहां रितिक ने अपने कदम ताल का कमाल दिखाया है। गीत सेनोरिटा में भी तीनों दोस्ती की बांडिंग कमाल की है।


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