तीस मार खां और शीला की जवानी पर पैसे ना फूकें..

एक्टर: कैटरीना कैफ, अक्षय कुमार, अक्षय खन्ना
रेटिंग: 1.5/5
निर्देशक के तौर पर तीस मार खां, फराह खान की तीसरी फिल्म है। इससे पहले हम फराह का निर्देशन 'मैं हूं ना' और 'ओम शांति ओम' में देख चुके हैं। अपनी तीसरी फिल्म के साथ फराह इस बात पर ठप्पा लगा देती हैं कि उनसे उम्मीदें करना बेकार है।
फराह की फैक्ट्री से फूहड़ कॉमेडी और गंध मारती मसाला फिल्मों के अलावा और कुछ निकलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। बस सबसे अच्छी बात ये है कि फराह ये अच्छी तरह जानती हैं कि वो चाहती क्या हैं। यानी वो जिस किस्म की फिल्म चाहती हैं उसी हिसाब से कलाकार चुनती हैं।
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तीस मार खां की बात करें तो कहने को ये कॉमेडी फिल्म है मगर आखिर तक आपको रुला डालती है। ये कॉमेडी की ट्रेजिडी है कि कुछ भी कूड़ा-कचरा बनाओ और उसे कॉमेडी के नाम पर परोस दो। तीस मार खां की भी यही ट्रेजिडी है। फराह खान जैसे निर्देशकों को समझ जाना चाहिए कि सिर्फ आईटम गाने और अक्षय कुमार की टाइप्ड कॉमेडी के नाम पर फिल्म नहीं चल सकती।
हर दूसरी हिन्दी फिल्म की हिरोइन की तरह कैटरीना कैफ को कम से कम कपड़ों में अपने हुस्न के जलवे दिखाने के लिए रखा गया है। कैटरीना कैफ सेक्सी हैं इसमें कोई शक नहीं और एक्टिंग उनके बस की नहीं इसमें भी शक नहीं।
लगता है अक्षय कुमार अब कॉमेडी का 'क' भी भूल चुके हैं और फराह चाहती हैं कि फिल्म 'कै'टरीना की जवानी से चल जाए तो ये बड़ा मुश्किल है। अगर आपको सिर्फ 'शीला की जवानी' की जवानी देखनी हो तो घर पर बैठकर देख लें। लब्बोलुआब ये है कि इस फिल्म पर पैसे की बर्बादी करने सिनेमाहॉल ना जाएं।


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