फिल्म लक: भारी पड़ा स्टार पावर
कलाकार : संजय दत्त, इमरान खान, श्रुति हसन, मिथुन चक्रवर्ती, डैनी डेंजोगप्पा, रवि किशन, रति अग्निहोत्री, चित्राशी रावत
निर्देशक : सोहम शाह
संगीत : सलीम-सुलैमान
माफिया करीम मुसा (संजय दत्त) खतरनाक स्टंट की प्रतियोगिता करवाता है। इस प्रतियोगिता में जिसका भाग्य साथ है वही बच पाता है और एक बड़ी रकम का हकदार बनता है। इस प्रतियोगिता में हर साल 20 प्रतियोगी भाग लेते है। इस प्रतियोगिता पर सट्टा भी लगता है। मुसा का वफादार साथी तमंग (डैनी डेंजोगप्पा) उन 20 प्रतियोगियों का चुनाव करता है जो हर विपरीत परिस्थितियों में अपने लक की वजह से बचते है।
इस वर्ष के प्रतियोगियों में राम (इमरान खान) आएशा (श्रुति हसन) कर्नल सिंह (मिथुन चक्रवर्ती) शार्टकट (चित्राशी रावत) और राघव (रवि किशन) है। मौत के खेल में भाग लेने के इन सबके अपने कारण है। राम अपने पिता की फ्राडगिरी से कर्जे में गए अपने परिवार को निकालना चाहता है। आएशा का अपना व्यक्तिगत कारण है। कर्नल अपनी बीमार पत्नी के इलाज के लिए पैसा इकट्ठा करना चाहते है। राघव एक कातिल है जो खुद के लिए पैसा इकट्ठा करना चाहता है। शार्टकट पाकिस्तान की ऊंट रेसर है वह लेक्सस खरीदना चाहती है।
सभी खतरनाक स्टंट के खेल में भाग लेते है और कौन इस खेल में अपने भाग्य के सहारे जीत पाता है यही फिल्म की कहानी है।
लक की शुरूआत संजय दत्त के खतरनाक स्टंट दृश्य से होती है। सोहम शाह ने बेहतरीन तकनीक का प्रयोग किया है। फिल्म की पटकथा काफी जबरदस्त लिखी गई है। पूरी फिल्म अंत तक बांधे रखती है। कैमरे का प्रयोग अच्छा है। अगर अभिनय की बात करें तो वरिष्ठ कलाकार नवोदित कलाकारों के सामने भारी पड़ते है। इमरान खान के चेहरा भावहीन लगा है। श्रुति का स्क्रीन उपस्थिति काफी गजब रही है लेकिन अभिनय के मामले में कमजोर पड़ गई है।
एक्शन आधारित फिल्मे पसंद करने वालों को फिल्म रास आएगी।


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