समीक्षा : अच्छा है 'गांधी टू हिटलर'... का हिटलर

निर्देशक : राकेश रंजन
निर्माता : पल्लवी मिश्रा
कहानी : राकेश रंजन, नलिन सिंह
संगीत : अरविंद
रेटिंग : 2/5
समीक्षा : भारतीय इतिहास में कड़क मिजाज तानाशाह के लिए चर्चित हिटलर पर बनीं फिल्म गांधी टू हिटलर... आज सिनेमाघरों में पहुंची है। जैसा कि पहले से पता था कि फिल्म मास फिल्म ना होकर एक क्लास फिल्म हैं। फिल्म देखने वो ही जायेगा जिसे इतिहास में रूचि हैं। और वो ही हुआ। फिल्म को देखने वालों की तादात भले ही कम हो लेकिन जिस वर्ग ने फिल्म देखी है वो समाज का एक खासा तबका है।
पहली बार हिटलर और गांधी के विचारों और भावों को पर्दे पर पेश करने की कोशिश की गयी है। इसके लिए निर्देशक राकेश रंजन और कहानीकार नलिन सिंह की तारीफ करनी चाहिए क्योंकि इन लोगों ने फिल्म की पटकथा पर खासा मेहनत की है। इतिहास के पन्नों को पलटती इस फिल्म को देखकर आप को बिल्कुल नहीं लगेगा कि आप कोई फिल्म देख रहे हैं बल्कि एक बार को एहसास जरूर होगा कि आप उस समय में पहुंच गये है, जहां ये घटनाएं घटित हुई थीं।
हिटलर और गांधी के मतभेदों को बहुत ही खूबसूरती से पर्दे पर दिखाया गया है और एक बार फिर से बापू के रूप में सत्य और अहिंसा की जीत हुई है। हालांकि फिल्म गांधी पर नहीं बल्कि हिटलर पर है, जिसे बखूबी निभाया है अभिनेता रघुवीर यादव ने। वो अवार्ड के हकदार हैं, हिंदी बोलते हिटलर को देखकर आप भी रोमांचित हो उठेगें। नेहा धूपिया भी पर्दे पर अच्छी लगी है। उन्हें अभिनय आता है ये पहली बार पता लगा। संगीत भी खासा प्रभावित नहीं करता है। लेकिन जो इतिहास से रूबरू होना चाहते हैं उन्हें ये एक बार जरूर ये फिल्म देखनी चाहिए।
;

Click it and Unblock the Notifications











