समीक्षा: बेहद बोरिंग है 'ब्लड मनी'
निर्माता: मुकेश भट्ट
निर्देशक: विशाल महदकर
संगीत: जीत गांगुली, सिद्धार्थ हल्दीपुर, संगीत हल्दीपुर
कलाकार : कुणाल खेमू, अमृता पुरी, मनीष चौधरी, मिया
रेटिंग: 2/5
समीक्षा: आज रूपहले पर्दे पर पहुंची भट्ट कैंप की 'ब्लड मनी' एक एवरेज फिल्म हैं जो कि केवल औसत दर्जे का ही बिजनेस कर सकती है। फिल्म सफलता का कीर्तिमान रचेगी ऐसा सोचना भी गलत है। भट्ट कैंप की और फिल्मो की तरह इस फिल्म में भी ग्लैमर और संस्पेंस का तड़का लगा हुआ है लेकिन यह फिल्म पिछली फिल्मों की तरह रोमांच उत्पन्न नहीं करती है।
फिल्म को कुणाल-अमृता के गर्मा-गर्म दृश्यों से भी बेचने की कोशिश की गयी है लेकिन उससे भी बात नहीं बन पायी है। फिल्म में अभिनेता कुणाल खेमू, अमृता पुरी और खासकर मनीष चौधरी ने अच्छा अभिनय किया है लेकिन जब पटकथा ही काफी उलझी हुई हो तो कलाकार क्या कर सकते हैं?
फिल्म एक नौजवान लड़के के प्रेम और सपनों की कहानी कहती है जो तरक्की के लिए गलत काम भी कर बैठता है लेकिन उसे बाद में एहसास होता है कि उसका रास्ता गलत है लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। फिल्म में बिल्कुल नयापन नहीं है।
फिल्म में गाने से ज्यादा संवाद अच्छे हैं, इसलिए लोग गानों से ज्यादा फिल्म के डॉयलाग याद रखेंगे। फिल्म के हॉट सींस भी लोगों को लुभाने में नाकाम रहे हैं। कुल मिला कर डायरेक्टर विशाल महदकर की 'ब्लड मनी' एक एवरेज फिल्म है और इसके लिए हमारी रेटिंग 2 से ज्यादा नहीं है।
कहानी: गरीबी से लड़ता हुआ हीरो कुणाल खेमू बड़ी मुश्किल से एमबीए करता है। बड़े होने पर उसकी जिंदगी में अमृता पुरी आती है। जिसको खुशियां देने के लिए वो दिन-रात काम करने लगता है कि अचानक उसे दक्षिण अफ्रिका से हीरों की कंपनी का ऑफर आता है। जो उसे बहुत सारा पैसा, बंग्ला, गाडी और भी बहुत सारी चीजे देता है। जिसके मोहपाश में फंसा कुणाल एक गैरकानूनी धंधे में फंस जाता है। फिल्म एक नौजवान की हद से ज्यादा महात्वाकांक्षी सपनों की कहानी कहती है।


Click it and Unblock the Notifications












