Review: कमजोर है अंकुर अरोड़ा मर्डर केस
एक सत्य घटना पर आधारित फिल्म अंकुर अरोड़ा मर्डर केस एक मास नहीं क्लास फिल्म है जिसे कि केवल उन लोगों को पसंद आयेगी जो कि फिल्म की कहानी को एक रियलिटी से जोड़ते हुए देखेंगे। फिल्म की कहानी में कहानीकार ने काफी कुछ ऐसा लिखा है जिसकी जरूरत नहीं थी लेकिन जिस मकसद से फिल्म बनायी गयी है उसे लोग अगर समझेंगे तो उन्हें अच्छी लगेगी फिल्म अंकुर अरोड़ा मर्डर केस।
फिल्म में सबसे अच्छा अभिनय मां टिस्का चोपड़ा ने किया है। एक सिंगल मदर जब अपने बच्चे को खोती है तो उसका हाल क्या होता है यह पर्दे पर बखूबी टिस्का चोपड़ा ने निभाया है तो वहीं एक खलनायक के रूप में केके मेनन ने बखूबी अभिनय किया है। वास्तव में वह एक मंझे हुए अभिनेता है। रही बात फिल्म के और किरदारों की जैसे कि अर्जुन माथुर, विशाखा सिंह, पॉली डैम की तो इन सभी ने केवल औसत प्रदर्शन किया है।
फिल्म एक दर्द भरी कहानी है, इसलिए गीत संगीत ने भी फिल्म में जबरदस्ती थोपा हुआ लगता है। कुछ एकाक दृश्य को देखकर फिल्म में जरूर हैरानी होती है। फिल्म के कुछ दृश्य इंसान को हिलाकर रखते हैं जिससे कि एहसास होता है कि फिल्म काफी खामियों के बावजूद देखने लायक हैं। हालांकि फिल्म के निर्देशन में काफी खामियां है। जिसके कारण भट्ट कैंप की फिल्म जिसे कि सुहैल टटारी ने निर्देशित किया है, दर्शकों को लुभाने में कामयाब नहीं हो पाये हैं।
एक नजर डालते हैं फिल्म की तस्वीरों पर


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