For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    रिव्यू: बेस्वाद है स्वरा भास्कर की 'रसभरी', लेकिन आयुष्मान सक्सेना ने जीता दिल

    |

    Rating:
    2.5/5

    फिल्म - रसभरी
    डायरेक्टर - निखिल नागेश भट्ट
    स्टारकास्ट - स्वरा भास्कर, आयुष्मान सक्सेना, नीलू कोहली,चितरंजन त्रिपाठी आदि
    प्लेटफॉर्म - अमेजन प्राइम

    अमेजन प्राइम वीडियो की वेब सीरीज "रसभरी"... नाम की तरह वेब सीरीज में भी भर-भरकर रस डालने की कोशिश की गई है। 8 एपिसोड और स्वरा भास्कर, आयुष्मान सक्सेना, नीलू कोहली, सुनाक्षी ग्रोवर, प्रद्यूमन सिंह, चितरंजन त्रिपाठी जैसे कलाकार। "रसभरी" ने अचानक अमेजन प्राइम पर दस्तक दी और फिर इस वेब सीरीज की सबसे बड़ी चूक को लेकर बहस भी देखने को मिली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के चेयरमैन प्रसून जोशी ने कहा कि "रसभरी" में असंवेदनशीलता से एक छोटी बच्ची को पुरुषों के सामने उत्तेजक नाच करते हुए वस्तु की तरह दिखाना निंदनीय है। ऐसे में ही एक बार फिर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सेंसरशिप की बात उठने लगी।

    बुलबुल फिल्म रिव्यू - अनुष्का शर्मा की नेटफ्लिक्स फिल्म की स्टार हैं तृप्ति डिमरी, बेहतरीन हॉररबुलबुल फिल्म रिव्यू - अनुष्का शर्मा की नेटफ्लिक्स फिल्म की स्टार हैं तृप्ति डिमरी, बेहतरीन हॉरर

    "रसभरी" स्वरा भास्कर का कहना है कि उनकी फिल्म समाज की इसी सेक्सुअलिटी की सोच को दर्शाती है। खैर अब आते हैं स्वरा भास्कर की "रसभरी" पर..क्या वाकई स्वरा का कहना ठीक है? वह और उनकी ये वेब सीरीज जैसा कह रही है, वैसा करने में कामयाब हुई है? 18प्लस की रेटिंग मिली इस वेब सीरीज में आप स्कूल, नटखट छात्र, मर्दों की खामखा की दीवानगी और औरतों का एक महिला को कुलछनी बना देने वाले बिंदु नजर आएंगे।

    एक्टिंग

    एक्टिंग

    स्वरा भास्कर ने एक सेक्सी महिला रसभरी का किरदार निभाया है। इस किरदार के जरिए दिखाने की कोशिश की गई है कि महिलाओं की पसंद और उनकी सेक्स इच्छाओं को लेकर कैसी-कैसी धारणाएं होती हैं। साथ ही ये भी दिखाती है कि कैसे महिलाओं की सबसे बड़ी दुश्मन भी एक महिला होती है। लेकिन वेब सीरीज में जो कमाल कर पाते हैं, वह हैं आयुष्मान सक्सेना। स्वरा बेशक टिप-टॉप अवतार में दर्शकों को लुभाने की कोशिश करती हैं लेकिन उनसे कहीं ज्यादा मजा आयुष्मान सक्सेना की रियल एक्टिंग और देसी अंदाज देखने में आता है। आयुष्मान सक्सेना जिन्हें आप पहले "बॉम्बे टॉकीज" फिल्म में देख चुके हैं। उन्होंने मेरठ की बोली पर जो पकड़ और अपने किरदार को जकड़ कर रखते हैं। वह काबिल-ए-तारीफ है।

    रसभरी की कहानी

    रसभरी की कहानी

    हंस क्या ली.... तो तुम कुछ भी करोगे...ये शानू मैडम (स्वरा भास्कर) अपने स्टूडेंट नंद (आयुष्मान सक्सेना) से कहती हैं। शानू इंग्लिश पढ़ाती हैं। वहीं नंद मेरठ का कड़क, युवा और छबीला लड़का है। जिसकी उम्र बढ़ने के साथ साथ वो लड़कियों की ओर मोहक हो जाता है। वहीं नंद जिसे प्यार करने लगता है वो प्रियंका है। नंद की मां पुष्पा जी (नीलू कोहली) और पिता (चितरंजन त्रिपाठी) हैं। जिनकी हौजरी की दुकान है। नंद ठीक-ठाक परिवार का लड़का है। नंद की दिक्कत है बढ़ती उम्र और लड़कियों की प्रति आकर्षण। इसी उम्र और राह के बीच नंद की जिंदगी में एंट्री होती है शानू मैडम की। जो दिखने में ऐसी हैं कि पूरा मेरठ उनकी अदाओं का दीवाना है। बस फिर क्या, नंद पिता से बोल इंग्लिश का ट्यूशन भी शानू मैडम के यहां लगवा लेता है। फिर आता है क्लाईमैक्स। जिसमें आप देखेंगे रसभरी और शानू मैडम में अंतर और दिक्कत। जिसे जानने के लिए आपको वेब सीरीज ही दिखनी पड़ेगी।

    कहां रह गई चूक

    कहां रह गई चूक

    अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म को उसके कंटेंट की वजह से जाना जाता हैं। लेकिन "रसभरी" जो कि एक सेमी एडल्ट वेब सीरीज है। जिसमें कई द्विअर्थी डायलॉग भी हैं। दिक्कत इनसे नहीं लेकिन बढ़िया कंटेंट और नई कहानी की है। यहां चूक सिर्फ प्रसून जोशी द्वारा कही गई बात, बच्चियों के प्रति असंवेदनशीलता ही नहीं बल्कि फूहड़पन भी लगता है। कुछ चीजें बहुत ही ज्यादा अति लगने लगती है। जैसे, "रसभरी" महिलाओं की सेक्स लाइफ और दबी इच्छाओं को उजागर करने की कोशिश करती है। लेकिन ऐसा होता नहीं है, क्योंकि नयापन और विषय के साथ फिल्ममेकर न्याय करने में कामयाब नहीं हो पाते। सिर्फ मनोरंजन के तौर पर द्विअर्थी डायलॉग डाल देना और अट्रैक्ट कर देने वाले दृश्य ही पर्याप्त नहीं होते।

    कंफ्यूजन

    कंफ्यूजन

    रसभरी और शानू मैडम...एक जिस्म दो जान, बस यही वाली बात है। लेकिन वेब सीरीज में कई भंयकर कर देने वाली कंफ्यूजन भी हैं। पहला, आपको समझ नहीं आता है कि शानू मैडम और रसभरी का क्या मसला है। दूसरा, भूत का एंगल भी जुड़ता है। फिर तीसरा एंगल, डबल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर। चौथा, निहारिका (स्वरा भास्कर का तीसरा अंदाज) की एंट्री।

    खासियत

    खासियत

    आयुष्मान सक्सेना ने तो बेहतरीन काम किया ही है। जिसकी वजह से आप ये वेब सीरीज पूरी देखने में सफल होते हैं। साथ ही नीलू कोहली भी अपने किरदार के साथ न्याय करती हैं। आपको मेरठ का लड़कपन्न और देसी हंसी ठिठोली बांधने की कोशिश कर सकती है। वहीं स्वरा भास्कर, जो पहले आपको एक से एक शानदार किरदार में नजर आ चुकी हैं, उनसे दर्शकों को उम्मीद ज्यादा थी लेकिन वह उम्मीद पर खरी नहीं उतरतीं।

    English summary
    Rasbhari Review rating: swara bhaskar web series will not win your heart but ayushmaan saxena did brilliant work
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X