REVIEW: जबरदस्त रोमांस का कॉकटेल है 'करीब करीब सिंगल'.. शानदार!
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Qarib Qarib Singlle Public Review: Irrfan Khan | Parvathy | FilmiBeat
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प्रोड्यूसर: शैलजा केजरीवाल, अजय जी राय, सुतुप्ता सिकदर
लेखक: कामना चंद्रा (कहानी)
क्या है शानदार: इरफान खान, डायलॉग
क्या है बकवास: फिल्म में कुछ कमियां है अनसुलझी रहती है।
आइकॉनिक मोमेंट: 'योगी' इरफान खान और 'जया' पार्वती का पहला कॉफी डेट, और सीन जहां जया नींद की गोलियां खा लेती है और शैतानी करती है।
इरफान खान के अभिनय में एक ताज़गी, सादापन और अल्हड़पना है जो किसी को भी बांध लेता है। और इसी मासूमियत से बांधती है तनूजा चंद्रा की फिल्म करीब करीब सिंगल। फिल्म बिल्कुल सीधी सादी है। आपकी और हमारे ज़िंदगी की तरह।
फिल्म में कुछ भी फिल्मी नहीं है और यही करीब करीब सिंगल को दर्जन भर रोमांटिक फिल्मों की लाइन में सबसे आगे लाकर खड़ा कर देता है। फिल्म में रोमांस है लेकिन फिल्मी रोमांस नहीं है।


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