प्लेयर्स: साल की पहली फिल्म आज बॉक्स ऑफिस पर

बैनर: स्टुडियो 18
निर्देशक: अब्बास मस्तान
संगीत: प्रीतम चक्रवर्ती
कलाकार: अभिषेक बच्चन, बिपाशा बसु, सोनम कपूर, बॉबी देओल, नील नितिन मुकेश, ओमी वैद्य, सिकंदर खेर, विनोद खन्ना
रेटिंग: 2.5

आज साल का पहला शुक्रवार है इस नये साल पर बॉक्स ऑफिस में आपका वेलकम करने के लिए मल्टीस्टारर फिल्म प्लेयर्स आई है जो कि 'द इटालियन जॉब' की ऑफिशियल इंडियन रीमेक है। जिसे अब्बास मस्तान ने निर्देशित किया है।

फिल्म की कहानी शुरू होती है चार्ली मेस्केरांहस यानि अभिषेक बच्चन से जो दिन में चार्टर्ड अकाउंटेंट का काम करता है, लेकिन रात होते ही वह चोर में बदल जाता है। तेज दिमाग और अचूक प्लान चार्ली की खासियत है। उसके लिए कोई भी काम कठिन नहीं है।

चार्ली को एक डीवीडी मिलती है जो उसके दोस्त ने भेजी है। वह दोस्त अब दुनिया में नहीं रहा। डीवीडी के जरिये चार्ली को जानकारी मिलती है कि रशिया से रोमानिया अरबों रुपये का सोना किस तरह से भेजा जा रहा है।

चार्ली का तेज दिमाग अब इस फिराक में पड़ जाता है कि किसी भी तरह सोने को चुरा ले। लेकिन यह काम इतना आसान नहीं है। वह इस चोरी के लिए वह अपने उस्ताद विक्टर की मदद चाहता है जो कि जेल में बंद है। लेकिन अपराध की दुनिया में अभी भी उसका दबदबा है। चार्ली को विक्टर एक टीम बनाकर देता है, जिसका हर सदस्य चालाक और काम में माहिर है।

नैना, सोनम कपूर जो कि कम्प्यूटर हैकर है। बिलाल बशीर (सिकंदर खेर) विस्फोट विशेषज्ञ है, स्पाइडर (नील नितिन मुकेश) कम्प्यूटर हैकर का मास्टर है, सनी मेहरा (ओमी वैद्य) हर काम में उस्ताद है, रॉनी (बॉबी देओल) को जादूगरी आती है। चार्ली की पार्टनर रिया (बिपाशा बसु) भी उससे जुड़ जाती है और ये सब निकल पड़ते हैं रशिया की ओर अपने काम को अंजाम देने के लिए।

चार्ली के प्लान में कोई कमी नहीं है, इसके चलते जोश से भरी इस टीम के हाथ सोना आ भी जाता है लेकिन कहानी में ट्वीस्ट तब आता है जब इस टीम का एक मेम्बर सारा सोना गायब कर लेता है। यही है फिल्म की कहानी।

स्टारकास्ट की बात करे तो अभिषेक एक बार फिर धूम के मिलते जुलते किरदार में ही नजर आएं है। बिपाशा कुछ ज्यादा ही कॉन्फिडेंट दिख रही है। सोनम कपूर की अदाकारी में कोई सुधार नहीं आया है। नील अपने रोल में जमे हैं, विनोद खन्ना का छोटा मगर दमदार रोल है। ओमी वैद्य और सिकंदर खेर ने भी अदाकारी के साथ न्याय किया है।

निर्देशक अब्बास मस्तान ने रॉबरी को दिखाने की दमदार कोशिश की है लेकिन फिल्म में डालॉग्स की कमी है। पार्टनर का एक्चेंज होना फिल्म रेस में भी दिखाया गया है। फिल्म का संगीत कुछ खास असरदार नहीं है, फिल्म कुछ जगह पर खिची हुई लगती है। कहानी में एडिटींग जरूरी थी। कुल मिलाकर इस फिल्म को एक बार देखा जा सकता है। यह साल की पहली रॉबरी बेस्ड फिल्म है और बॉक्स ऑफिस में इस समय कोई ऑप्शन भी नहीं है।

More from Filmibeat

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X