REVIEW: 'पिंक'.. सलमान, शाहरूख को भूलें.. ये है साल की सबसे SOLID फिल्म
फिल्म- पिंक
कुछ फिल्में आपको इंटरटेन करती है, कुछ दिल में जगह बनाती हैं, कुछ दिमाग में। 'पिंक' भी एक ऐसी ही फिल्म है, जो आपके दिलो- दिमाग में गहरा प्रभाव छोड़ जाएगी। फिल्म आपको झकझोर कर रख देगी।
फिल्म तीन लड़कियों की कहानी है - तापसी पन्नू, कीर्ति कुल्हारी और एंड्रिया तारियांग की। वहीं, अमिताभ बच्चन रिटायर्ड वकील के किरदार में नजर आएंगे। बता दें, फिल्म कहीं कहीं आपको सनी देओल की दमदार फिल्म 'दामिनी' की याद दिलाएगी।

नीचे पढ़ें फिल्म पिंक की पूरी समीक्षा-
कहानी-
यह कहानी है.. दिल्ली में किराए पर रहने वाली तीन मिडिल क्लास वर्किंग लड़कियों की.. मीनल अरोड़ा (तापसी पन्नू), फलक अली (कीर्ति कुल्हाड़ी) एंड्रिया तेरियांग (एंड्रिया तेरियांग)। एक दिल्ली रहने वाली है, एक लखनऊ की, जबकि एक नार्थ ईस्ट की। एक रात एक रॉक कॉन्सर्ट के बाद पार्टी के दौरान उनकी मुलाकात राजवीर (अंगद बेदी) और उसके दोस्तों से होती है।
कहानी में ट्विस्ट-
इसके बाद कहानी में कई ट्विस्ट आते हैं.. जब तीनों लड़कियां खुद को सूरजकुंड के एक रिसॉर्ट में उन तीन लड़कों के साथ पाती हैं। उसके बाद एक लड़का बुरी तरह से ज़ख़्मी हो जाता है। फिर एंट्री होती है रिटायर्ड वकील दीपक सहगल (अमिताभ बच्चन) की, जो न्याय के लिए इस मामले को हाथ में लेता है।
अभिनय-
फिल्म में तीनों एक्ट्रेस दमदार लगीं है। खासकर तापसी पन्नू को काफी मौका दिया गया है, जिसे उन्होंने जमकर भुनाया है। वहीं, अमिताभ बच्चन इस तरह के किरदारों में हमेशा अपनी छाप छोड़ जाते हैं।
निर्देशन-
फिल्म का निर्देशन काफी कसा हुआ है। कह सकते हैं उम्दा निर्देशन की वजह से फिल्म गंभीर होते हुए भी आपको सीट से बांधे रखेगी।
तकनीकी पक्ष-
बेहतरीन बैकग्राउंड स्कोर, ज़बरदस्त डायलॉग, खासकर कोर्ट सीन के दौरान की गंभीरता, रोमांचक कहानी.. सभी पहलुओं में पिंक उम्दा है।
अच्छी बातें-
फर्स्ट हाफ हो या सेकेंड हाफ.. फिल्म हर पल आपको बांधे रखेगी। किसी दर्शक के लिए इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है।
निगेटिव बातें-
फिल्म में ना देखने जैसा कुछ भी नहीं है..हमारी ओर से फिल्म को 4 चार स्टार.. फिल्म ना केवल देंखे.. बल्कि इस पर विचार करें।


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