Param Sundari Review: सुंदरी के प्यार में पड़े सिद्धार्थ, जाह्नवी ने लूटी महफिल, रोमांस-ड्रामा का भरपूर तड़का

Param Sundari Movie Review: सिद्धार्थ मल्होत्रा और जान्हवी कपूर स्टारर फिल्म 'परम सुंदरी' आखिरकार रिलीज हो गई। इस फिल्म की रिलीज डेट को कई बार बदला गया लेकिन इसे आज यानि 29 अगस्त को रिलीज किया गया है। लेकिन क्या आपको ये फिल्म देखनी चाहिए या स्किप करनी चाहिए, आइए इस रिव्यू में जानें।
क्या है कहानी
फिल्म की कहानी है परम नाम के लड़के की है, जो बिजनेस की दुनिया में नाम कमाना चाहता है, लेकिन अब तक फिसड्डी ही है। उसने कई स्टार्टअप में इनवेस्ट किया है, लेकिन उसकी सारी इनवेस्टमेंट डूब जाती है। तभी उसकी मुलाकात एक आदमी (अभिषेक बनर्जी) से होती है, जो एक ऐसा ऐप बनाता है, जिसके जरिए सोलमेट की तलाश की जाती है। इस आइडिए को लेकर परम काफी एक्साइटेड हो जाता है और उसे इस ऐप में भविष्य की संभावनाएं नजर आती हैं। जिसके लिए वो अपने पापा (संजय कपूर) से पैसे मांगता है ताकि वो इस ऐप में इनवेस्ट कर सके। लेकिन उसके पापा पैसों के बदले एक शर्त रखते हैं और कहते हैं कि अगर उसे उस ऐप के जरिए उसकी सोलमेट मिल जाती है तो वो उस ऐप में इनवेस्ट करने के लिए तैयार हो जाएंगे।
ऐप के जरिए पता चलता है कि परम की सोलमेट केरल में है और फिर परम जाता है अपनी सुंदरी से मिलने के लिए केरल। नई जगह, नया कल्चर... सब कुछ नया। परम को पहली नजर में ही सुंदरी से प्यार हो जाता है और सुंदरी भी धीरे-धीरे अपना दिल दे बैठती है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब ये पता चलता है कि ऐप और ऐप बनाने वाला दोनों ही फर्जी हैं। वहीं सुंदरी की शादी बचपन में ही एक लड़के से फिक्स की जा चुकी है। अब ये दो अलग-अलग दुनिया आपस में कैसे मिलेंगी, ये जानने के लिए आपको थिएटर जाकर फिल्म देखनी होगी।
कैसी है फिल्म?
डायरेक्टर तुषार जलोटा ने फिल्म को हल्के-फुल्के हास्य और गहरी भावनाओं के साथ प्रस्तुत किया है। फिल्म की लोकेशंस, दिल्ली की हलचल से लेकर केरल के खूबसूरत बैकवॉटर्स तक सीन को और अट्रैक्टिव बना देती हैं।
म्यूजिक फिल्म की जान है- 'भीगी साड़ी', 'सुन मेरे यार वे' और 'चांद कागज का' जैसे गाने दिल को छू जाते हैं, वहीं 'परदेसिया' और 'डेंजर' मूड को मजेदार बना देते हैं। विजुअल्स और गानों के साथ-साथ प्रोडक्शन डिजाइन भी शानदार है।
कैसी है एक्टिंग?
सिद्धार्थ मल्होत्रा: एक बिजनेस माइंडेड लेकिन अंदर से रोमांटिक लड़के के रोल में उन्होंने अच्छा काम किया है।
जाह्नवी कपूर: इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत वही हैं। सुंदरी के रोल में उन्होंने नैचुरल एक्टिंग, एक्सप्रेशन और मलयाली टच को इतनी खूबसूरती से निभाया है कि यह उनके करियर का अहम पड़ाव बन सकता है।
संजय कपूर: अपने हल्के-फुल्के अंदाज और कॉमिक टाइमिंग से उन्होंने फिल्म को और एंटरटेनिंग बना दिया है।
मंजोत सिंह: अपनी कॉमिक टाइमिंग से हर सीन में हंसी ले जाते हैं।
बाकी कलाकारों ने भी कहानी को असली और रिलेटेबल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
फाइनल रिव्यू
सुंदरी के प्यार में सिर्फ एक आम रोम-कॉम नहीं है, बल्कि यह फिल्म रिश्तों के असली मायने और टेक्नोलॉजी बनाम दिल के एहसासों की बहस को खूबसूरती से पेश करती है। फिल्म हंसी भी देती है और प्यार का असली मतलब भी सिखाती है। फिल्मीबीट हिंदी की तरफ से 'परम सुंदरी' को मिलते हैं चार स्टार।


Click it and Unblock the Notifications