Nishaanchi Movie Review: भाईचारे, धोखे और क्राइम की है ये कहानी, डबल रोल में ऐश्वर्य ठाकरे ने मचाया धमाल

Nishaanchi Movie Review: अनुराग कश्यप की क्राइम ड्रामा फिल्म 'निशांची' का लोगों को बेसब्री से इंतजार था और अब इस फिल्म ने बड़े पर्दे पर दस्तक दे दी है। अनुराग कश्यप ने बताया था कि उन्होंने इस फिल्म की कास्ट पर बहुत मेहनत की है ताकि लोगों को पूरा मनोरंजन मिल सके। लेकिन आपको ये फिल्म देखनी चाहिए या स्किप करनी चाहिए, आइए इस रिव्यू में जानें।
क्या है कहानी
नीशांची की कहानी 2006 के कानपुर से शुरू होती है। यहां दो जुड़वां भाई बबलू और डबलू (दोनों किरदार ऐश्वर्या ठाकरे) छोटे-मोटे क्राइम करते हैं। उनकी पार्टनर पिंकी के साथ वे एक बैंक लॉटरी स्कैम की प्लानिंग करते हैं। सबकुछ ठीक चलता दिखता है, लेकिन अचानक पुलिस के आ जाने से हीस्ट फेल हो जाता है। इस दौरान बबलू पकड़ा जाता है और उसे सात साल की सजा हो जाती है।
दिलचस्प बात यह है कि बबलू अपने साथियों का नाम छिपा लेता है। यहीं से फिल्म में भरोसे और बलिदान का एंगल जुड़ता है। फ्लैशबैक में पता चलता है कि दोनों भाई एक समय खुशहाल परिवार का हिस्सा थे, लेकिन अंबिका भाई (कुमुद मिश्रा) की एंट्री ने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी थी। अब इन दोनों भाइयों की जिंदगी दोबारा ट्रैक पर आ पाएगी या नहीं, या फिर ये दो भाई गुनाह की दुनिया का एक नया नाम बन जाएंगे... ये जानने के लिए आपको थिएटर्स में जाकर फिल्म देखनी होगी।
कैसी है फिल्म?
फिल्म का पहला हिस्सा तेज रफ्तार और रोमांचक है। एक्शन और ड्रामा भरपूर देखने को मिलता है। लेकिन दूसरे हिस्से में कहानी थोड़ी खिंचती हुई लगती है और कुछ सबप्लॉट लंबे हो जाते हैं। इसका असर क्लाइमैक्स पर भी पड़ता है, हालांकि कहानी आखिर तक दर्शकों को जोड़े रखती है।
फिल्म का म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर इसके मजबूत पहलू हैं। डकैती वाले सीन में म्यूजिक सस्पेंस को और बढ़ा देता है, जबकि फैमिली वाले सीन में इमोशन्स को गहराई देता है। सिनेमैटोग्राफी भी 2006 के कानपुर की असली झलक दिखाने में सफल रही है।
कैसी है एक्टिंग?
ऐश्वर्या ठाकरे ने डबल रोल (बब्लू और डब्लू) में शानदार काम किया है। उन्होंने दोनों किरदारों को अलग अंदाज और पर्सनैलिटी के साथ निभाकर इंप्रेस किया है। कुमुद मिश्रा अंबिका भाई के रोल में खलनायक के तौर पर दमदार लगे हैं। मोहम्मद जीशान अयूब पुलिस ऑफिसर के किरदार में गहराई लाते हैं। मोनिका पंवार (मां के रोल में) ने इमोशनल और मजबूत किरदार निभाकर दिल जीत लिया। विनीत कुमार पिता के छोटे लेकिन असरदार रोल में याद रह जाते हैं।
फाइनल रिव्यू
कुल मिलाकर Nishaanchi क्राइम और इमोशन का अच्छा कॉम्बिनेशन है। पहले हाफ की रफ्तार और दमदार परफॉर्मेंस फिल्म को देखने लायक बनाते हैं, हालांकि दूसरे हिस्से की धीमी स्पीड थोड़ी खटकती है। फिल्म का क्लिफहैंगर एंड दर्शकों को इसके सीक्वल के लिए एक्साइट कर सकता है। फिल्मीबीट हिंदी की तरफ से फिल्म को मिलते है 3 स्टार।


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