Namaste England Movie Review: लवस्टोरी कम मेलोड्रामा ज्यादा है ये फिल्म, अपने रिस्क पर ही देखें
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दुनिया आज भी एक ही चीज पर कायम है, जिसकी वजह से दुनिया कायम है.. प्यार। ये मानना है नमस्ते इंग्लैंड के परम का। परम यानी अर्जुन कपूर इस फिल्म में एक परम प्रेमी का रोल अदा कर रहे हैं। दुर्भाग्य से इस फिल्म में प्यार के शेड्स में सिर्फ बहुत सारा मेलोड्रामा ही नजर आता है। जिसके चलते फिल्म उद्देश्य विहीन नजर आती है और ऑडिएंस खीजती हुई।
परम (अर्जुन कपूर) को जसमीत (परिणिती चोपड़ा) से अचानक से प्यार तब प्यार हो जाता है जब वे जसमीत को दशहरे सेलेब्रेशन में डांस करते हुए देखते हैं। ट्रैक्टर पर कुछ स्टंट और सरसों के खेत में जरूरी डांस के बाद प्यार हो जाता है.. कैसे ये समझ नहीं आया।
जसमीत एक ज्वैलरी डिजाइनर बनना चाहती है लेकिन उसके पिता और भाई उसे अपना सापना पूरा करने से रोक देते हैं क्योंकि उनका मानना है कि 'औरत काम मर्दों का पेट भरना है।' और तो और वो परम से उसकी शादी करने के लिए सिर्फ इस शर्त पर तैयार होते हैं कि वो शादी के बाद कोई काम नहीं करेगी।

वहीं शादी के बाद जसमीत अपना लंदन में काम करने के सपने का खुलासा करती है। वो परम को लंदन की सिटीजनशिप लेने के लिए मनाने की कोशिश करती है, वो इसके लिए गैरकानूनी तरीका अपनाने के लिए भी तैयार है। लेकिन हमारा हीरो उसूलों वाला है और जसमीत को निराश कर देता है। दूसरी तरफ जसमीत अपनी महत्वाकांक्षाएं पूरी करने के लिए रिस्की प्लान बनाती है।
नमस्ते इंग्लैंड में परम जसमीत को कहता है कि 'पहली बार एक बीवी का अफेयर किसी आदमी नहीं.. एक शहर के साथ देखा है'... इस डायलॉग से ही आप समझ सकते हैं कि फिल्म कितनी निराशाजनक है। बिना प्वाइंट की लवस्टोरी ऑडिएंस को इंप्रेस करने में नाकामयाब होती है। हमारी तरफ से इस फिल्म को 2 स्टार।


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