Mulk Movie Review: मुल्क से मोहब्बत और इंसानियत पर बदल जाएगा नजरिया, दमदार सब्जेक्ट- शानदार फिल्म
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एक मुल्क कागज़ पे नक्शों की लकीरों से नहीं बताता, मुल्क बताता है रंग से, भाषा से, धर्म से, जात से... ये लाइन तापसी पन्नू के कैरेक्टर आरती मोहम्मद एक इंटेंस कोर्टरूम सीन के दौरान बोलती है और ऑडिएंस खुद को उनके इस डायलॉग से सहमत पाती है। डायरेक्टर अनुभव सिन्हा की ये लेटेस्ट फिल्म लोगों को याद दिलाती है कि इंसानियत किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखी जा सकती।
मुल्क की शुरूआत होती है बनारस की एक झलक के साथ, जिसके बाद अनुभव सिन्हा ऑडिएंस को अपनी फिल्म के किरदारों से मिलवाते हैं। मुराद अली मोहमम्द (ऋषि कपूर) एक जाने-माने वकील हैं जिनके मोहल्ले में कई हिंदू दोस्त भी हैं। उनके परिवार में हैं उनकी बीवी तबस्सुम (नीना गुप्ता), छोटा भाई बिलाल (मनोज पावा) छोटे भाई की पत्नी छोटी तबस्सुम (प्राची शाह) और उनका बेटा शाहिद मोहमम्द (प्रतीक बब्बर) साथ ही एक बेटी भी है जिसका नाम आयत है। वहीं इसी बीच इस परिवार की बहू आरती मोहम्मद (तापसी पन्नू) जरमनी से वापसी आ जाती हैं क्योंकि उनके पति से रिश्ते कुछ ठीक नहीं हैं।

हालांकि, मोहमम्द के हंसते-खेलते परिवार पर मुसीबत तब आती है जब परिवार का बेटा शाहिद आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हो जाता है और जल्द ही पुलिस अफसर दानिश जावेद (रजत कपूर) के द्वारा मार गिराया जाता है। जिसके बाद उनके धर्म की वजह से पूरे मोहमम्द परिवार को ही आतंकवादी साबित करने की कोशिशें शुरू हो जाती हैं। ऐसे में इस परिवार को न सिर्फ अपने ऊपर लगे इल्जामों से मुक्ति पानी है बल्कि अपने मुल्क के लिए प्रेम को भी साबित करना है।
ऋषि कपूर और तापसी पन्नू स्टारर मुल्क ऑडिएंस को देशप्रेम और धर्म से जुड़ा एक तगड़ा मैसेज देकर जाती है, जो आज के वक्त की जरूरत है।


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