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Review - साल की पहली और दमदार फिल्म..परफॉर्मेंस और कहानी का जबरदस्त तड़का

By Madhuri
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Mukkabaaz Movie Review: Anurag Kashyap, Jimmy Shergill, Vineet Kumar, Zoya Shine in film| FilmiBeat
Rating:
3.5/5

कास्ट - विनीत कुमार सिंह, जोया हुसैन,जिमी शेरगिल, रवि किशन
डायरेक्टरच अनुराग कश्यप
प्रोड्यूसर- आनंद एल राय, अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवानी, मधु मनेतना
लेखक- अनुराग कश्यप, विनीत कुमार सिंह, मुक्ति सिंह श्रीनत, केडी सत्यम, रंजन चंदेल, प्रसून मिश्रा
क्या है खास-परफॉर्मेंस,कहानी
क्या है कमजोर-कमजोर क्लाइमैक्स जो ट्रैक के बाहर चला जाता है

प्लॉट

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मुक्काबाज की कहानी शुरु श्रवण कुमार सिंह (विनीत कुमार सिंह) से जो अपने साथ बॉक्सिंग सीख रहे दोस्त को ताने मारता है कि वो सरकारी जमीन के लिए खेल का इस्तेमाल कर रहा है। वो बोलताहै कि "ऐसा इसलिए है क्योंकि उत्तर प्रदेश में ओलिपिंयन नहीं होते हैं।" वो कहता है कि वो बरेली का माइक टायसन बनना चाहता है।थोड़ी देर बाद श्रवण भगवान दास मिश्रा (जिमी शेरगिल) के ईगो पर मुक्का मारता है जो एक अपर कास्ट कोच है और उसकी बॉक्सिंग एसोसिएशन और तक सरकारी भ्रष्टाचारी प्रभाव और पहुंच है।

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है। श्रवण का एक लड़की की वजह से ध्यान भटक जाता है और वो भी
उसे देखते रहती है। वो लड़की कोई ौर नहीं बल्कि सुनैना (जोया हुसैन) है जो बोल नहीं सकती है और भगवान दास मिश्रा की भतीजी है। जल्द ही दोनों को अपनी भावनाओं का इजहार करते हैं। भगवान दास श्रवण की जिंदगी में मुश्किलें पैदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। श्रवण के पास 'जिंदगी का पैंतरा' सीखने के अलावा और कोई चारा नहीं रहता है।

डायरेक्शन

डायरेक्शन

अनुराग कश्यप ज्यादातर डार्क फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं और उनकी लेटस्ट फिल्म मुक्काबाज असल में मुख्य धारा सिनेमा की सभी चीजे हैं। उन्होंने दिखाया है कि कैसे उत्तर प्रदेश में टैलेंट अफसरशाही, जातिवाद और क्षेत्रिय राजनीति की वजह से मर जाता है।मुक्काबाज भले ही एक दमदार बॉक्सर की कहानी हो लेकिन इसकी कहानी में भी एक गहगाई है। फिल्म का ज्यादातर हिस्सा आपको स्क्रीन से चिपका कर रखेगा। आप हंसेंगे, रोएंगे लेकिन सोचेंगे भी।

परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस

फिल्म में विनीत कुमार सिंह पूरी तरह से श्रवण कुमार सिंह के किरदार में समा गए हैं। उन्होंने फिल्म में टॉप क्लास परफॉर्मेंस दी है। डेब्यू एक्ट्रेस जोया हुसैन का फिल्म में एक भी डायलोग नहीं है लेकिन उनकी आखों से एक्टिंग ही परफॉर्मेंस में जान डाल देती है।जिमी शेरगिल ने एक बार फिर दिखा दिया कि क्यों वो बॉलीवुड के सबसे टैलेंटेड एक्टर में से एक हैं। उन्हें कोई भी रोल दे दिया जाए वो बस परफेक्ट तरीके से उसमें समा जात हैं। रवि किसन ने भी फिल्म में अच्छा काम किया है।

तकनीकी पक्ष

तकनीकी पक्ष

मुक्काबाज में विजुअल अह्म भूमिका निभाता है और शंकर रमन ने अपने कैमरे में इसे खूबसूरती के साथ कैद किया है।135 मिनट की इस फिल्म में कहीं कहीं फिल्म खिंची हुई लगती है लेकिन आरती बजाज और अंकित बिद्याधर ने अच्छा काम किया है।

म्यूजिक

म्यूजिक

मुक्काबाज के गाने फिल्म के लिए बेहद खास हैं और खास मकसद से दिए गए हैं। ज्यादातर लाइन गानों के बिल्कुल फ्रेश हैं।'पैंतरा', 'मुश्किल है अपना मेल प्रिये', 'बहुत दुखा मन' हमारे पसंदीदा गाने हैं।

Verdict

Verdict

एक देश जहां खिलाड़ी (क्रिकेट को छोड़कर) को सम्मान पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है वहीं मुक्काबाज इसकी सच्चाई दिखाती है। जब जिंदगी में मुश्किलें आएं बॉक्सिंग के दास्ताने पहनों। अगर आप अच्छी फिल्में देखना पसंद करते हैं तो बेशक अनुराग कश्यप ने आपके लिए बहुत ही अच्छी फिल्म बनाई है।

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    English summary
    Mukkabaaz movie review story plot and rating.

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