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    भावनाप्रधान, रोमांटिक प्रेम-कहानी है 'यू, मी और हम'

    By Staff
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    Ajay Devgan
    अभिनय के बाद पहली ही निर्देशित फिल्म 'यू, मी और हम' से अजय देवगन ने साबित कर दिखाया है कि रोमांटिक प्रेम कहानी भी साफ-सुथरी बन सकती है।

    रिश्तों की कोमल भावनाओं को अजय ने कहानी में सबसे ज्यादा महत्व दिया है। समुद्री यात्रा से जुड़ी इस फिल्म की खूबसूरती एनिमेशन के जरिए पर्दे पर बयां की गई है। सामान्यत: प्रेम संबंधों पर आधारित फिल्मों को हिट कराने के लिए जिन मसालों का प्रयोग किया जाता है, यहां न तो उनका प्रयोग किया गया है और न ही उसकी जरूरत ही महसूस हुई है।

    फिल्म की कहानी बहुत दमदार नहीं है लेकिन रिश्तों को बांधे रखने का जो खूबसूरत तरीका डायलॉग व भावनाओं की अभिव्यक्ति के माध्यम से इसमें डाला गया है, वह काबिल-ए-तारीफ है।

    कहानी के हल्केपन के बावजूद फिल्म दर्शकों को बोर करती नहीं दिखती। अदनान सामी, श्रेया घोषाल और सुनिधि चौहान की आवाज में मस्ती भरे गाने भी ठीक-ठाक हैं।

    रिश्तों में मिठास डालने के लिए जरूरी है कि हम, तुम और मैं से ऊपर उठकर 'हम' के लिए सोचें, इस फिल्म की कहानी का सार यही है।

    अजय देवगन, काजोल और दिव्या दत्ता के साथ 'अकेला' जैसे कुछ टेलीविजन धारावाहिकों से बड़े पर्दे पर आए सुमित राघवन ने भी खुद को साबित कर दिखाया है। 'किसना' के बाद ईशा शेरवानी के लिए इस फिल्म में भी नृत्य के अलावा करने के लिए कुछ और नहीं था।

    फिल्म की कहानी शुरू होती है, मनोचिकित्सक अजय मेहरा (अजय देवगन) और उसके बेटे से। बेटे की आंखों में प्यार देखकर अजय उसका इजहार करने के लिए कहता है। दोनों के बीच तय होता है कि वह अपने प्यार का इजहार करेगा और अजय पिया को रिझाने की कोशिश।

    पिया (काजोल) को रिझाने के लिए अजय उसे एक कहानी सुनाता है।

    इस कहानी में निखिल (सुमित राघवन), रीना (दिव्या दत्ता), विक्की, नताशा (ईशा शेरवानी) और अजय, सभी दोस्त हैं। एकसाथ छुट्टियां बिताने के लिए ये सभी समुद्री यात्रा पर निकले हैं। निखिल और रीना शादीशुदा हैं लेकिन एकदूसरे से खुश नहीं। विक्की और नताशा एक-दूसरे से प्यार करते हैं।

    पार्टी के दौरान पिया उनसे आर्डर लेने आती है और पहली नजर में ही अजय उसका दीवाना बन जाता है। किसी भी तरह अजय पिया को मना लेता है और दोनों शादी कर लेते हैं लेकिन लंबे समय तक खुशियां उनका साथ नहीं दे पातीं।

    28 साल की पिया को अल्जाइमर्स हो जाता है। भूलने की इस बीमारी के कारण उनकी खुशहाल दुनिया उजड़ जाती है। बच्चे के जन्म के बाद अजय पिया को दूर कर देता है लेकिन जल्दी ही उसे अहसास होता है कि पिया को हमेशा खुश रखने का वादा वह तोड़कर वह भी खुश नहीं है और वह उसे वापिस ले आता है।

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