पेइंग गेस्ट: श्रेयस को देखने जाए
निर्देशक: पारितोष पेंटर
कलाकार: श्रेयस तलपडे़, जावेद जाफरी, आशीष चौधरी, वत्सल सेठ, नेहा धूपिया, रिया सेन, सेलिना जेटली, सयाली भगत, जॉनी लीवन, चंकी पांडे, असरानी
जब अभिषेक बच्चन और जॉन अब्राहम को फिल्म दोस्ताना में कमरा नही मिलता तो वे गे कपल बन जाते है और प्रियंका चोपड़ा के साथ रहने लगते है। फिल्म पेइंग गेस्ट में चार दोस्तों को जब कमरा नही मिलता तो वे दो कपल बन जाते है यानी कि उसमें से दो लोग महिला बन जाते है।
फिल्म की कहानी बस इतनी ही है। अब इसमें कामेडी का तड़का लगाने की कोशिश की गई है। तीन पक्के दोस्त श्रेयस तलपड़े, जावेद जाफरी, आशिष चौधरी किसका मिगलानी (असरानी) के घर पर पेंइग गेस्ट के रूप में बैंकाक में रहते है। एक दिन आशिष का भतीजा वत्सल सेठ भारत से बैंकाक आता है उसके बाद से घर में परेशानियां शुरू हो जाती है। सभी आपस में लड़ना शुरू हो जाते है उनका मालिक उनसे तंग आकर घर से निकाल देता है। इस बीच उनकी नौकरी भी छूट चुकी है।
इन लोगों को कहीं पर घर नही मिलता है। इसी मुश्किल में एक घर मिलता है लेकिन मकान मालिक (जॉनी लीवर) को शादीशुदा लोगों को ही रखना है। इस समस्या का समाधान करने के लिए श्रेयस तलपड़े वत्सल सेठ की और जावेद जाफरी आशिष चौधरी की पत्नी बन जाते है। इन चारों की प्रेमिकाएं भी (नेहा धूपिया, रिया सेन, सयाली भगत और सेलिना जेटली) है।
मकान मालिक का छोटा रॉकी भाई (चंकी पांडे) हमेशा अपने भाई के लिए मुसीबत खड़ा करता रहता है। वह अपने पिता का होटल अपने नाम करवाना चाहता है। फिल्म इन्ही सब किरदारों के बीच घूमती रहती है। फिल्म में कुछ दृश्य काफी हंसाते है तो वही कुछ दृश्य बासी लगते है।
इन सबके बीच श्रेयस को देखना बहुत अच्छा लगता है। वे अभिनय के मामले में सबसे बाजी मार ले गए है। जावेद जाफरी ने भी प्रभावित करने की कोशिश की है। हीरोइनों के जिम्मे ज्यादा काम था ही नही फिर भी नेहा धूपिया ने अपनी उपस्थिति दर्ज की है। सेलिना जेटली ने हास्य पैदा करने की कोशिश की है।
कुल मिलाकर कहा जाए तो कहानी में कुछ नया नही है। महिला रूप में श्रेयस तलपड़े काफी खुबसूरत लगे है। कुल मिलकार कहा जाए तो श्रेयस और जावेद जाफरी की वजह से फिल्म देखने जाया जा सकता है वरना ऐसा कुछ भी नही है जो आकर्षित करे।


Click it and Unblock the Notifications











