Mardaani 3 review: रानी मुखर्जी फिर बनीं सुपर कॉप, पहला हाफ जबरदस्त लेकिन दूसरा पार्ट क्यों पड़ा फीका?

Rating:
3.0/5

Mardaani 3 review: रानी मुखर्जी की मच अवेटेड फिल्म 'मर्दानी 3' रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म का उनके फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब एक बार फिर वो सुपरकॉप बनकर आई हैं और इस बार उनका सामना एक नई और खतरनाक विलेन से हो रहा है, लेकिन क्या ये फिल्म आपको देखनी चाहिए या स्किप करनी चाहिए आइए इस रिव्यू में जानें।

Mardaani 3 review

क्या है कहानी

मर्दानी 3 की कहानी एक बार फिर पुलिस अफसर शिवानी शिवाजी रॉय के इर्द-गिर्द घूमती है। अब शिवानी सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस बन चुकी हैं। उन्हें NIA में शामिल किया जाता है, जहां उन्हें एक IFS अधिकारी की नाबालिग बेटी के अपहरण का केस सौंपा जाता है।

जांच के दौरान शिवानी को पता चलता है कि 8 से 11 साल की कई बच्चियों को एक अम्मा नाम की महिला अगवा कर रही है, जो भिखारी माफिया की सरगना है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन बच्चियों का इस्तेमाल भीख मंगवाने के लिए नहीं किया जा रहा। ऐसे में सवाल उठता है कि अम्मा इन मासूम बच्चियों को क्यों उठवा रही है और उसका असली मकसद क्या है। शिवानी इस केस को कैसे सुलझाती हैं, यही फिल्म की कहानी है।

कैसी है फिल्म?

फिल्म की शुरुआत काफी मजबूत है और पहले ही सीन से माहौल गंभीर हो जाता है। शिवानी की एंट्री दमदार तरीके से दिखाई गई है और पहला हाफ आपको लगातार बांधे रखता है। इंटरवल से पहले के सीन खास तौर पर काफी असरदार हैं।

हालांकि इंटरवल के बाद फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ जाती है। दूसरे हाफ में कई ट्विस्ट आते हैं, लेकिन ज्यादातर ट्विस्ट का अंदाजा आपको पहले से ही लग जाता है। बच्चियों के अपहरण के पीछे की वजह जरूर चौंकाती है, लेकिन उसे थोड़ा और साफ तरीके से दिखाया जा सकता था, ताकि हर दर्शक आसानी से समझ सके।

कुछ जगहों पर फिल्म स्टाइल और ट्रीटमेंट के मामले में दूसरी एक्शन फिल्मों की याद दिलाती है, लेकिन इसके बावजूद कहानी का इमोशनल असर बना रहता है। बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म के माहौल को और मजबूत बनाता है।

कैसी है एक्टिंग?

रानी मुखर्जी ने एक बार फिर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस दमदार है और इमोशनल सीन में भी वह असर छोड़ती हैं। अम्मा के रोल में मल्लिका प्रसाद काफी डरावनी और प्रभावशाली लगी हैं। उनका लुक और अभिनय किरदार को और मजबूत बनाता है। प्राजेश कश्यप फिल्म का बड़ा सरप्राइज हैं और उन्होंने अपने रोल से दर्शकों को प्रभावित किया है। जानकी बोदीवाला को भी अच्छा स्क्रीन टाइम मिला है और दूसरे हाफ में उन्होंने बढ़िया काम किया है।

फाइनल रिव्यू

'मर्दानी 3' एक ठीक-ठाक लेकिन असरदार फिल्म है। कहानी कुछ हद तक प्रिडिक्टेबल जरूर है, लेकिन मजबूत एक्टिंग और सशक्त संदेश फिल्म को संभाल लेते हैं। दूसरा हाफ अगर थोड़ा और तेज होता, तो फिल्म और बेहतर बन सकती थी।

फिल्म खत्म होने के बाद यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में आज भी लड़कियां और महिलाएं सबसे आसान निशाना क्यों बनती हैं। अगर आप मर्दानी फ्रेंचाइजी के फैन हैं या दमदार महिला किरदारों वाली फिल्में देखना पसंद करते हैं, तो 'मर्दानी 3' एक बार जरूर देखी जा सकती है।

More from Filmibeat

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X