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    Manto Movie Review: नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने जान फूंक दी, 'मंटोनियत' का एक अलग ही अनुभव, एकदम शानदार

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    Rating:
    3.5/5
    Star Cast: नवाजुद्दीन सिद्दकी, रसिका दुग्‍गल, ताहिर भसीन, जावेद अख्तर, रणवीर शोरे
    Director: नंदिता दास

    Manto Movie Review: Nawazuddin Siddiqui |Nandita Das| FilmiBeat

    मरा नहीं.. देखो अभी जान बाकी हैं, रहने दो यार.. मैं थक गया हूं... 'आराम की जरूरत' से सआदत हसन मंटो की इन लाइनों में नवाजुद्दीन जान फूंक देते हैं। नंदिता दास की डायरेक्टोरियल मंटो मंटो जाने-माने उर्दू लेखक मंटो की जिंदगी की झलक देती है.. जिनकी कहानियां और कविताएं समाज का आइना होती थीं।

    इस फिल्म की शुरुआत मंटो की एक शॉर्ट स्टोरी 'दस रुपए का नोट' से होती है। 1940 का वो दौर, जहां हमें मंटो (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) से मिलवाया जाता है। जो बेजुबानों की आवाज हैं। ये ऐसे लेखक हैं जो इंसान के मन के अंधेरे और उसकी प्रवृत्ति को शब्दों से कागज पर उतार लेते हैं।

    manto-review-and-rating-nawazuddin-siddiqui

    मुंबई से मशहूर लेखक से लेकर पोस्ट इंडिपेंडेंस लाहौर में खुद की बिखरती हुई इमेज तक मंटो के किरदार को नवाज ने बखूबी उकेरा है। उन पर बोल्ड लिखावट के लिए सनसनी फैलाने के आरोप लगे थे। जहां उन्होंने खुद की रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पर कटते हुए पाए। इस फिल्म में उनकी दस रुपए का नोट, खोल दो, ठंडा गोश्त और तोबा तेक सिंह जैसी विवादित कहानियां और मंटो की रियल लाइफ स्टोरी को सटीक तरीके से दिखाया गया है।

    हमें बॉम्बे टॉकीज में उनके छिपने के स्थान की भी झलक दिखाई गई है। इसके साथ ही 40s के सिनेमा स्टार श्याम से मंटो की दोस्ती भी शानदार तरीके से दिखाई गई है। मंटो और श्याम की दोस्ती चॉक और चीज की थी। जहां एक तरफ एक अंतर्निहित बौद्धिक है वहीं दूसरी तरफ दूसरा उदार आकर्षक है, ये बड़े पर्दे पर अपनी पहचान बनाना चाहता है। वहीं इस फिल्म का एक सीन देखने लायक है जहां मंटो और श्याम हिपतुल्ला शब्द इजाद करते हैं।

    सआदत हसन मंटो की जिंदगी और उनकी विवादित कहानियों का लेखा-जोखा को मंटो में सटीक तरीके से दिखाया गया है। नवाजुद्दीन सीद्दीकी हर एक सीन में जान फूंक देते हैं। संझेप में कहें तो.. भगवान जो दयालु, कृपालु हैं और दूसरी तरफ हैं मंटो जिनके अंदर दफन हैं लघु कथा कला के सभी रहस्य, जमीन की कई परतों के अंदर वो रहते हैं। आप सोच में पड़ जाएंगे कि दोनों में से कौन महान लेखक माना जाएगा.. भगवान या मंटो। कई साल गुजरने के बाद आज तक ये सवाल उत्तर विहीन ही रहा है... हमारी तरफ से इस फिल्म को 3 स्टार।

    English summary
    "In the name of God, the Compassionate, the Merciful, Here lies Saadat Hasan Manto and with him lie buried all the secrets and mysteries of the art of short-story writing, Under tons of earth he lies, still wondering who among the two is greater short-story writer.
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