मद्रास कैफे रिव्यू- एक कड़वी सच्चाई मनोरंजन के साथ!
स्टार- 4.5
कास्ट- जॉन अब्राहम,नर्गिस फाखरी
निर्दशक- शुजीत सरकार
निर्माता- जॉन अब्राहम
जॉन अब्राहम की फिल्म मद्रास कैफे आज सिनेमाहॉल में रिलीज हो रही है फिल्म से जॉन अब्राहम को काफी उम्मीदें हैं। हालांकि जॉन ने अपने इंटरव्यू के दौरान कहा कि वो उन्होंने ये फिल्म किसी अवॉर्ड के लिए नहीं बनाई है लेकिन ये फिल्म सिर्फ भारत के नौजवानों को इतिहास की कुछ ऐसी बातों से रुबरु कराने के लिए बनाई है जिनके बारे में हमारे इतिहास की किताबों में भी कुछ नहीं लिखा है। मद्रास कैफे फिल्म में राजीव गांधी के निधन से जुड़ी हर एक घटना का विस्तार से विवरण दिया गया है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह से राजीव गांधी को मारने का प्लॉट तैयार किया गया और किन वजहों से उन्हें मारा गया।
मद्रास कैफे फिल्म पूरी श्रीलंका में तमिल संगठन द्वारा आजादी को लेकर चल रहे वॉर के बारे में दिखाया गया है। श्रीलंका में तमिल संगठन एलटीएफ है जिसे अन्ना चलाता है। अन्ना चाहता है कि तमिलनाडू को भी अलग से एक राष्ट्र घोषित कर दिया जाए वो खुद को इंडियन नहीं कहलाना चाहते हैं। इसके लिए अन्ना एक फोर्स बनाता है और इंडिया के साथ सिविल वॉर करने की पूरी तैयारी करता है। लेकिन इंडियन पीएम चाहते हैं कि कोई भी वॉर ना हो और शांति के साथ सारी बातें सुलझ जाएं। लेकिन अन्ना नहीं चाहता कि ऐसा कुछ हो। वो अपनी इस कोशिश में ब्रिटिश देशों से भी मदद लेता है। अन्ना इंडिया के पीएम को भी मारने का प्लान करता है ताकि उनके वॉर में किसी तरह की कोई मुश्किलें ना पैदा हों।
इंडिया को एक फास्ट ग्रोइंग देश जानते हुए ब्रटिश भी चाहते हैं कि उन्हें इंडिया पर राज्य करने को मिल जाए इसलिए वो अन्ना की मदद करते हैं ताकि उन्हें भी फायदा मिले। लेकिन इंडियन रॉ एजेंसी ब्रिटिशर्स की इस मंशा को पूरा नहीं होने देते।


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