Maalik Movie Review: राजकुमार राव के कंधों पर फिल्म की जिम्मेदारी, सौरभ शुक्ला-स्वानंद किरकिरे ने भी डाली जान

Cast: Rajkummar rao, Manushi Chhillar, Saurbh Shukla, Prosenjit Chatterjee, Anshumaan Pushkar, Swanand Kirkire
Director: Pulkit
Maalik Movie Review: राजकुमार राव की कॉमेडी के लोग दीवाने हैं, लेकिन इस बार उनका गंभीर अंदाज देखने को मिलेगा। इस बार वो नजर आने वाले हैं एक गैंगस्टर के रोल में। जी हां, राजकुमार राव की आज यानि 11 जुलाई को फिल्म 'मालिक' रिलीज हुई है। लेकिन क्या आपको ये फिल्म देखनी चाहिए या स्किप करनी चाहिए। आइए इस रिव्यू में जानें।
क्या है कहानी
इस फिल्म की कहानी है गरीब किसान परिवार की, जहां बाप घर चलाने के लिए किसानी करता है लेकिन उसी किसान के बेटे को वो जिंदगी नहीं चाहिए, जो उसके बाप ने जी... अब वो मालिक बनना चाहता है और सब पर राज करना चाहता है, चाहे उसके लिए उसे खून की नदियां ही क्यों ना बहानी पड़े। लेकिन उसके लिए ये राह आसान नहीं होने वाली है, क्योंकि इस राह में उसे मिलने वाले हैं कई दुश्मन और कई धोखे।
इस फिल्म की कहानी है आज के प्रयागराज और 1980 के दशक के इलाहाबाद की। जहां दीपक(राजकुमार राव) कुछ लोगों को मारकर वहां का गुंडा बन जाता है। इस गुंडे ने सबकी नाक में दम कर दिया है, दीपक जो अब मालिक बन बैठा है। आगे उसका सपना है शहर का विधायक बनने का... मालिक का पत्ता साफ करवाने के लिए नए SP को बुलाया जाता है, जो एनकाउंटर स्पेशलिस्ट है। इलाहाबाद का विधायक भी मालिक को अपने रास्ते से हटाना चाहता है क्योंकि उसकी वजह से विधायक का वर्चस्व धूमिल हो रहा है और उसका व्यापार भी नहीं बढ़ पा रहा है। अब इन सब दुश्मनों के बीच मालिक क्या अपने मंसूबे पूरे कर पाएगा? या फिर किसी गली के आम गैंगस्टर की तरह पुलिस के हाथों मारा जाएगा... ये देखने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
कैसी है फिल्म
फिल्म की कहानी कुछ ज्यादा खास नहीं है। लड़ाई देखकर आपको लगेगा कि डायरेक्टर साहब ने गैंग्स ऑफ वासेपुर और मिर्जापुर को मिलाकर कुछ बनाने की कोशिश की है, लेकिन इस चक्कर में फिल्म में अपना कुछ ओरिजिनल एसेंस नहीं रख पाए हैं। फर्स्ट हाफ आपको थोड़ा-थोड़ा खिंचा लग सकता है लेकिन सैकेंड हाफ में तो आप माथा पकड़ने के लिए तैयार हो जाइए क्योंकि सैकेंड हाफ और भी ज्यादा ढीला है। हां आखिरी का पौना घंटा आपको एंटरटेन कर सकता है।
अगर फिल्म की कहानी पर थोड़ा काम किया जाता तो ये फिल्म बहुत अच्छी हो सकती थी और राजकुमार राव के करियर को एक नया आकार दे सकती थी लेकिन इस फिल्म का माइनस पॉइंट ही यही है कि इसकी कहानी पर ज्यादा मेहनत नहीं की गई है।
कैसी है एक्टिंग
राजकुमार राव ने फिल्म का पूरा भार अपने कंधों पर उठा रखा है। उनका पहनावा, बोली और गुस्से भरी आंखों ने किरदार में जान डाल दी है। यह परफॉर्मेंस उनके बेस्ट कामों में से एक गिना जा सकता है। अगर फिल्म की कहानी में थोड़ी पकड़ अच्छी होती तो राजकुमार राव का काम निखर कर आता। मानुषी छिल्लर रोमांटिक सीन में ठीक-ठाक असर छोड़ती हैं, इमोशनल सीन में थोड़ी कमजोर दिखती हैं। साइड लाइन पर बैठे मगर दमदार असर छोड़ने वाले नाम हैं सौरभ शुक्ला, अंशुमान पुष्कर और स्वानंद किरकिरे तीनों हर फ्रेम में जान डालते हैं।
फाइनल रिव्यू
अगर आप गंभीर, क्राइम-थ्रिलर फिल्में पसंद करते हैं तो 'मालिक' एक दफा जरूर देख सकते हैं। राजकुमार राव का उग्र अवतार और कुछ यादगार एक्शन-सी फिल्म की कमियों को काफी हद तक ढंक देते हैं। कुल मिलाकर 'मालिक' को फिल्मीबीट हिंदी की तरफ से मिलते हैं 5 में 3 स्टार।


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