लुका छुपी फिल्म रिव्यू : रोमांटिक कॉमेडी के किंग बने कार्तिक आर्यन, कृति सैनन के साथ फिल्म पैसा वसूल
Recommended Video

'हमें भी ट्राई करना चाहिए ना, आजकल तो सब लोग कर रहे हैं', कृति सैनन का किरदार रश्मि, लिव इन रिलेशनशिप का ये आईडिया अपने बॉयफ्रेंड के सामने रखती है, जब गुड्डू (कार्तिक आर्यन), अपने घुटनों पर बैठकर उसे शादी के लिए प्रपोज़ करने वाला होता है। रश्मि आज की समझदार लड़की है जो अपने बॉयफ्रेंड को शादी से पहले ठीक तरह से जान लेना चाहती है।
दूसरी तरफ गुड्डू, एक ऐसे लड़का जो स्मार्ट है, देखने में सुंदर है और जल्दी से जल्दी बस शादी करना चाहता है। दोनों एक दूसरे के विपरीत भले ही हों लेकिन उनके रिश्ते की ठोस बुनियाद है उनका एक दूसरे के लिए प्यार जो पूरी कहानी में बरकरार रहता है।

फिल्म की कहानी, उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर मथुरा की है जहां का स्टार रिपोर्टर है गुड्डू जो कि एक लोकल न्यूज़ चैनल में काम करता है। उसको पहली नज़र का प्यार होता है रश्मि से जो ये चैनल एक इंटर्न के तौर पर जॉइन करती है। रश्मि, एक नेता (विनय पाठक) की बेटी है जो संस्कृति की रक्षा करने वाला एक ग्रुप चलाता है। जल्दी ही रश्मि भी उसका साथ देती है।
जब गुड्डू, रश्मि को शादी के लिए प्रपोज़ करता है तो रश्मि उसे समझाती है कि लिव इन रिलेशनशिप में रहना मज़ेदार और समझदार दोनों है।दोनों ग्वालियर में एक मकान किराए पर लेते हैं। जब उनकी एक पड़ोसी, उनके इस राज़ का पर्दाफाश करने की कोशिश करता है तो गुड्डू और रश्मि, शादीशुदा होने का नाटक करने लगते हैं। लेकिन ये नाटक मज़ेदार तब हो जाता है जब गुड्डू के घरवाले उसे सरप्राइज़ देने पहुंच जाते हैं।
लिव इन रिलेशनशिप की थीम बॉलीवुड में पहले भी कई बार दिखाई जा चुकी है। सलाम नमस्ते से शुद्ध देसी रोमांस तक। लेकिन डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर इस बार लिव इन रिलेशनशिप में कॉमेडी का तड़का लगाकर इस आईडिया को ओरिजिनल बनाते हैं और कोई ज्ञान नहीं देते हैं। वो एक सामाजिक मुद्दे को बड़ी ही समझदारी से हल्के फुल्के ढंग में कॉमेडी और रोमांस के तड़के के साथ परोसते हैं जो सफल होता है।
लेकिन अगर कमियों की बात करें तो पहले हाफ में फिल्म के लेखन को और कसा और सधा हुआ होना चाहिए था। इससे चीज़ें और मनोरंजक हो सकती थीं। लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म अपनी गति पकड़ लेती है और आपको लगातार हंसाती है। हालांकि फिल्म के लेखक रोहन शंकर, मॉडर्न और खुले विचार के बीच थोड़ा सा इधर - उधर फिसलते दिखाई देते हैं।
कार्तिक आर्यन के लिए हमेशा की तरह ये किरदार मक्खन की तरह था। उनकी बच्चों वाली मासूमियत, लड़कियों को लुभाती है। कृति सैनन छोटे शहर की मॉडर्न लड़की किरदार एकदम बेहतरीन तरीके से निभाती हैं। दोनों की केमिस्ट्री अच्छी है। फिल्म में अपारशक्ति खुराना का किरदार भी लोगों को पसंद आएगा क्योंकि ऐसी कहानियों में दोस्त ही भगवान होते हैं। पंकज त्रिपाठी एक चिरकुट से जीजा जी बनकर आपको काफी हंसाएंगे। उनका किरदार ड्रामा से भरपूर है। विनय पाठक, त्रिवेदी के किरदार में अच्छे लगते हैं।
मिलिंद झा का छायांकन मथुरा और ग्वालियर की गलियों की शानदार सैर करवाता है। मनीष प्रधान की एडिटिंग बिल्कुल कसी हुई है। लुका छुपी म्यूज़िक के मामले में पीछे रहता है। लॉन्ग इलाइची और पोस्टर छोड़कर कोई गाना याद रखने लायक नहीं है। ये दोनों गाने भी कोई छाप नहीं छोड़ते।
कुल मिलाकर लुका छुपी एक हल्की फुल्की मनोरंजक फिल्म है जो शुरू से अंत तक आपके चेहरे पर गारंटी मुस्कान लाएगी। ये आपको दिमाग को नहीं खाएगी और एक अच्छे विषय को बिना किसी लेक्चर के परोसेगी। हमारी तरफ से फिल्म को 3 स्टार।


Click it and Unblock the Notifications















