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    लव आज कल फिल्म रिव्यू: इम्तियाज अली, अब आप हमें तंग करने लगे हो

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    Rating:
    2.0/5

    निर्देशक- इम्तियाज अली

    कलाकार- कार्तिक आर्यन, सारा अली खान, आरूषि शर्मा, रणदीप हुड्डा

    एक दृश्य में जोइ (सारा) आंखों में आंसू लिए वीर (कार्तिक) से कहती है- 'अब तुम मुझे तंग करने लगे हो'.. फिल्म खत्म होते होते यह संवाद आप निर्देशक से कहना चाहेंगे।

    फिल्म खत्म होते ही सबसे पहले एक सवाल आपके दिमाग में कौंधता है- क्या इस फिल्म का निर्देशन सच में इम्तियाज अली ने ही किया है? सोचा ना था, जब वी मेट, लव आज कल, तमाशा, रॉकस्टार जैसी फिल्मों के बाद यह विश्वास करना थोड़ा कठिन हो जाता है। इम्तियाज अली की फिल्मों का सबसे मजबूत पक्ष होता है- स्क्रीनप्ले, अभिनय, संगीत, सिनेमेटोग्राफी। "लव आज कल" (2020) में ये सभी पहलू कमज़ोर हैं। साल 2009 में इसी नाम से आई फिल्म की तरह ही "लव आज कल" (2020) भी आगे बढ़ती है। इस बार 1990 और 2020 का समय लिया गया है। प्रेम कहानी अलग है, जोड़ी अलग हैं और उनकी उलझनें अलग हैं।

    फिल्म की कहानी

    फिल्म की कहानी

    वीर (कार्तिक आर्यन) और जोइ (सारा अली खान) पहली नजर में एक दूसरे से आकर्षित हो जाते हैं। दोनों में नजदीकियां बढ़ती हैं। लेकिन जहां वीर के लिए प्यार एक खूबसूरत अहसास है, वहीं जोइ करियर और प्यार में नाप तोल कर आगे बढ़ना चाहती है। उसके पास आने वाले 5 सालों का प्लान है कि.. उसे अपनी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को एक मुकाम पर ले जाना है और फिर किसी गंभीर रिलेशनशिप में जाना है। उसने अपनी मां को कहते सुना है कि करियर सबसे महत्वपूर्ण होता है, जिंदगी में सिर्फ आप अपना साथ देते हो, और कोई नहीं। ये है प्रेम कहानी 2020 की। इसके समानांतर दूसरी प्रेम कहानी चलती है- रघु (कार्तिक) और लीना (आरुषि) की, जो 1990 के समय की है। यहां दोनों के बीच प्रगाढ़ प्रेम है। दोनों परिवार, करियर को दांव पर लगाकर एक दूसरे का साथ चाहते हैं।

    एक समय पर आकर दोनों कहानियां टकराती हैं और किरदारों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। क्या रघु- लीना और वीर- जोइ को एक दूसरे का साथ मिल पाता है? इसी के इर्द गिर्द घूमती है पूरी कहानी।

    अभिनय

    अभिनय

    रघु और वीर के किरदार में कार्तिक आर्यन ने भावनात्मक तौर पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की है। लेकिन उनका बेस्ट इस किरदार के लिए काफी नहीं था। सारा अली खान बेहद खूबसूरत नजर आई हैं, लेकिन अपने किरदार में पूरी तरह से अपरिपक्व लगी हैं। इमोशनल दृश्यों में उनकी ओवर एक्टिंग थोड़ी उबाऊ लगती है। एक सीन में जब वीर के माता- पिता के सामने जोइ इमोशनली टूट जाती है और वीर से दूर रहने की बात करती है.. सारा अली खान के पास अपने अभिनय क्षमता को दिखाने का एक बढ़िया मौका था, लेकिन वह कमज़ोर रहीं। फिल्म के मजबूत पक्ष रहे हैं रणदीप हुड्डा और आरूषि शर्मा। कम दृश्यों में रहकर भी इन दोनों कलाकारों ने ध्यान आकर्षित किया है और अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया है। ऋषि कपूर वाले किरदार में रणदीप हुड्डा को फिट करना इम्तियाज अली द्वारा किया गया इस फिल्म के लिए बेस्ट निर्णय रहा है।

    निर्देशन

    निर्देशन

    इम्तियाज अली के प्रेम कहानियों की अलग ही फैन फॉलोइंग रही है। उनकी कहानियां सीधे दिल को छूती हैं। लेकिन 'लव आज कल' (2020) में वह चूक गए। दिल को छूना तो दूर यह कहानी दिमाग तक भी नहीं पहुंच पाई। फिल्म का निर्देशन बेहद कमजोर है। चंद दृश्यों को छोड़कर फिल्म में कहीं भी इम्तियाज अली की छाप नजर नहीं आती है। वो अपनी कहानी के द्वारा क्या कहना चाह हैं, यह तो समझा जा सकता है.. लेकिन क्यों कहना चाह रहे हैं, यह एक यक्ष प्रश्न है। जटिल किरदारों को उन्होंने पहले भी अपनी फिल्मों में गढ़ा है, लेकिन उनकी सोच के पीछे एक तर्क होता था। यहां किसी भी किरदार को निखारा नहीं गया है, ना ही कोई रूपरेखा दी गई है। सभी उलझे हैं और कुछ दृश्यों के बाद आपको भी उलझा देते हैं।

    तकनीकि पक्ष

    तकनीकि पक्ष

    फिल्म की पटकथा भी इम्तियाज अली ने ही लिखी है। लिहाजा, ढ़ीली पटकथा का परिणाम है कमज़ोर निर्देशन। जहां इम्तियाज अली की पिछली फिल्मों के संवाद आज भी युवाओं को मुंह जबानी याद हैं, 'लव आज कल' (2020) के संवाद सिरदर्द करते हैं। अमित रॉय की सिनेमेटोग्राफी हिस्सों में अच्छी रही है, लेकिन प्रभावी नहीं है।90 के दशक को दिखाने के लिए कहीं सलमान खान की 'मैंने प्यार किया' के गानों को फिट किया गया है, तो कहीं आमिर खान की 'कयामत से कयामत तक' को। लेकिन सेट डिजाइन विश्वनीय नहीं लगती है। वहीं आरती बजाज द्वारा की गई एडिटिंग से फिल्म को काफी हद तक बचाने की कोशिश की गई है।

    संगीत

    संगीत

    फिल्म का संगीत दिया है प्रीतम ने और गाने लिखे हैं इरशाद कामिल ने, जो कि औसत है। अरिजित सिंह की आवाज़ में 'शायद' और 'हां मैं गलत' चर्चित रहे हैं, लेकिन फिल्म की कहानी में जान नहीं डालते हैं। यूं कह लें कि फिल्म देखने के बाद कोई भी गाना आपके दिल- दिमाग में ठहरता नहीं है।

     देंखे या ना देंखे

    देंखे या ना देंखे

    इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी 'लव आज कल' (2020) हर पक्ष में कमज़ोर फिल्म है। बेहतर है 2009 वाली 'लव आज कल' को वैलेंटाइन डे के मौके पर फिर से देख लें। फिल्मीबीट की ओर से लव आज कल को 2 स्टार।

    English summary
    Kartik Aaryan and Sara Ali Khan starring Love Aaj Kal is a boring affair about dysfunctional relationships. Film directed by Imtiaz Ali.
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