'लंदन पेरिस न्यूयॉर्क' में मिले जब दो दिल
निर्माता : सृष्टि आर्या, गोल्डी बहल
निर्देशक : अनु मेनन
संगीत : अली जफर
कलाकार : अली जफर, अदिती राव हैदरी
रेटिंग : 2/5
इस शुक्रवार आप बॉक्स ऑफिस पर सैर करेंगे लंदन पेरिस न्यूयॉर्क की। जी हां यही है फिल्म का भी नाम यही है। यह कहानी है ललिता यानि आदिती राव हैदरी और निखिल यानि अली जफर की।
ललिता एक दक्षिण भारतीय लड़की है और मुंबई में रहती है। उसे स्कॉलरशिप मिली है और न्यूयॉर्क पढ़ने के लिए वह जा रही है। ललिता हर बात को गंभीरता से लेती है। दिमाग और दिल की लड़ाई से वह हमेशा परेशान रहती है क्योंकि दिल कुछ कहता है और दिमाग कुछ और।
दूसरी ओर बांद्रा में रहने वाला पंजाबी लड़का निखिल अमीर खानदान से है। वह लंदन में फिल्म मेकिंग की पढ़ाई करने जा रहा है। दिल से रोमांटिक निखिल को जिंदगी के बहाव के मुताबिक बहना पसंद है। वह लाइफ के हर एक पल का मजा लेना चाहता है लेकिन उसे किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं लेनी।
इनकी मुलाकात लंदन में होती है और वो एक शाम बिताने का फैसला लेते हैं। इसके बाद फिल्म में उनकी पर्सनल जर्नी और लव स्टोरी दिखाई जाती है। करीब आठ सालों में अपनी उम्र के अलग अलग मोड़ पर वो लंदन, पेरिस और न्यूयॉर्क में एक एक रात के लिए मिलते हैं। हर बार इनकी सोच में एक बदलाव रहता है।
फिल्म की कहानी स्लो है शुरू से ही। पहले ही भाग में वह रफ्तार पकड़ने में काफी समय लेती है। फिल्म का दूसरा हिस्सा काफी खींचा हुआ लगता है। कहानी का इंड भी कुछ खास नहीं है आप इसे देखेंगे तो लगभग वही होता है जो आज तक की फिल्मों में होता चला आया है।
फिल्म की कहानी में दम नहीं है लेकिन अली जफर और अदिती ने अपने किरदारों के साथ न्याय करने की पूरी कोशिश की है। अली ने परफेक्ट एक्टिंग की है लेकिन कुछ जगहो पर उनकी ओवर एक्टिंग भी साफ दिखाई देती है। अदिती पर्दे पर कॉन्फिडेंट नजर आईं हैं।
निर्देशक अनु मेनन ने रोजाना जिंदगी में घटने वाली घटनाओं और खास पलों को फिल्म में दिखाने की कोशिश की तो है लेकिन इसमें वो विफल नजर आएं हैं। फिल्म के डायलॉग्स यूथ को ध्यान में रखकर लिखे गए हैं। वेसे तो फिल्म कुछ खास नहीं है लेकिन आप अगर अली और अदिती के फैन हैं तो फिल्म देखने जा सकते हैं।


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