Kull Web Series Review: एक टूटते शाही परिवार की कहानी, जिसमें हैं साजिश और कई राज, लेकिन लॉजिक की कमी

Cast: Nimrat Kaur, Ridhi Dogra, Amol Parashar, Gaurav Arora, Rahul Vohra, Suhaas Ahuja, Rohhit Tiwari, and Arslan Goni
Director: Sahir Raza
Kull: The Legacy of the Raisingghs Review: अगर आप फैमिली ड्रामा, राजघराने की राजनीति और रहस्यों से भरी कहानी देखना पसंद करते हैं, तो आपके लिए 'कुल' (Kull: The Legacy of the Raisingghs) एक दिलचस्प वेब सीरीज हो सकती है।
ये सीरीज शाही ठाठ-बाट, पारिवारिक झगड़े और एक रहस्यमयी मौत के इर्द-गिर्द घूमती है। हालांकि, कहानी को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश में कई बार लॉजिक की बलि जरूर चढ़ाई जाती है, लेकिन ड्रामा और ट्विस्ट की भरमार इसे एक बार तो देखने लायक जरूर बनाती है।
क्या है कहानी
ये कहानी बीकानेर के एक काल्पनिक शाही परिवार की है, जिसकी नींव अब कमजोर हो रही है। इस परिवार के मुखिया हैं चंद्र प्रताप राइजिंग्स (राहुल वोहरा), जो एक उम्रदराज राजा हैं और अब अल्जाइमर नाम की बीमारी से जूझ रहे हैं। उनके चार बच्चे हैं, तीन अपनी पत्नी से और एक नाजायज।
इंद्राणी (निमरत कौर) राजा साहब की सबसे बड़ी बेटी है जो बेहद शांत स्वभाव की, जिसकी शादी एक राजनेता के बेटे विक्रम से हुई है। काव्या (रिद्धि डोगरा) की सोच एक मिडल क्लास वाली है, जो काफी प्रैक्टिकल है और समझदार भी। वह महल को लीज पर देकर परिवार की आर्थिक हालत सुधारना चाहती है। अभिमन्यु (अमोल पाराशर) राजा साहब का छोटा बेटा है जो बिंदास रहता है, नशे में डूबा रहता है और थोड़ा लापरवाह है। बृज (गौरव अरोड़ा) राजा साहब का नाजायज बेटा है, जो सबसे अलग है लेकिन चंद्र प्रताप का फेवरेट बच्चा है।
परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, और रिश्तों में खटास साफ दिखती है। ऐसे माहौल में राजा चंद्र प्रताप अपने 60वें जन्मदिन पर एक बड़ा ऐलान करने वाले होते हैं, लेकिन सुबह उनकी लाश स्विमिंग पूल में मिलती है, जिससे सभी हैरान रह जाते हैं।
राजा की मौत हादसा या साजिश?
उनके शरीर पर चोटों के निशान हैं, जिससे शक होता है कि यह एक आम मौत नहीं है। यहीं से सीरीज में एक क्राइम थ्रिलर जैसा मोड़ आता है। परिवार के सभी लोग शक के घेरे में आ जाते हैं और इसी कड़ी में लोगों के कई पुराने राज भी खुलने लगते हैं। इस मौत के बाद परिवार टूटने लगता है और हर किरदार की असली सोच सामने आने लगती है। जैसे-किसे वसीयत में क्या चाहिए, कौन किससे जलता है, कौन क्या छुपा रहा है।
कैसी है एक्टिंग
निमरत कौर ने इंद्राणी के किरदार को बड़ी ही गंभीरता से निभाया है। वह शो के शुरुआत में शांत रहती हैं, लेकिन अंत तक आते-आते उनकी परतें खुलती हैं। रिद्धि डोगरा ने काव्या के रूप में दिल जीत लिया। वह एक पढ़ी-लिखी महिला हैं, जो परिवार को आर्थिक रूप से संभालना चाहती हैं। अमोल पाराशर ने अभिमन्यु के किरदार में बिंदास और इमोशनल दोनों पहलू दिखाए। हालांकि कई बार उनकी एक्टिंग जरूरत से ज्यादा ओवर लग सकती है। गौरव अरोड़ा के किरदार 'बृज' में काफी संभावना है, लेकिन स्क्रिप्ट उसे कभी साइडलाइन कर देती है तो कभी अचानक सेंटर में ला देती है। राहुल वोहरा एक बीमार राजा के रूप में अपनी एक्टिंग से शो को गहराई देते हैं।
क्या हैं खामियां
शो की शुरुआत बेहद मजबूत है, लेकिन बीच के कुछ एपिसोड्स में कहानी बिखरने लगती है। कुछ सीन काफी ड्रमैटिक लगते हैं। जैसे एक मंत्री का मर्डरर के तौर पर दिखाया जाना या भाई का बहन के सामने ड्रग्स लेना। ये चीजें कहानी की गंभीरता को हल्का कर देती हैं। इसके अलावा कुछ रिश्तों के बैकग्राउंड को ठीक से समझाया नहीं गया, जैसे इंद्राणी का अपने भाई को हर हाल में सपोर्ट करना।
फाइनल रिव्यू
'कुल' उन सीरीज में से एक है, जो शुरुआत में तो आपको बांधती है, बीच में थोड़ा भटकती है लेकिन आखिर में फिर से पकड़ बना लेती है। इसमें राजघराने की दुनिया, परिवार के अंदर की राजनीति, रहस्य और रिश्तों में टकराव को अच्छे से दिखाया गया है। अगर आप लॉजिक को थोड़ा नजरअंदाज कर सकते हैं और सिर्फ एंटरटेनमेंट की तलाश में हैं, तो ये शो देखने लायक है। फिल्मीबीट हिंदी की तरफ से इस सीरीज को मिलते हैं 3 स्टार।


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