Panchayat के बाद क्या अब Kota Factory में लोगों का दिल जीत पाए हैं जीतू भैया? ऐसा है जनता का रिएक्शन

Kota Factory Season 3 Review: TVF की सबसे सफल वेब सीरीज में से एक है कोटा फैक्ट्री, जिसका तीसरा सीजन आज यानी 20 जून को रिलीज हो गया है। इस वेब सीरीज का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे लेकिन क्या ये लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरी है या इस सीरीज ने लोगों को निराश किया आइए जानते हैं।
आपको बता दें, 'कोटा फैक्ट्री' की कहानी कोटा, राजस्थान से है, जो IIT-JEE की तैयारी के सेंटर के रूप में प्रसिद्ध/कुख्यात हो गया है। कहानी IIT के इच्छुक वैभव (मयूर मोरे), बालमुकुंद मीना (रंजन राज) और उदय (आलम खान) और उनके फिजीक्स के टीचर और मेंटर जीतू भैया (जितेंद्र कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है।
एक स्टूडेंट मीनल (उर्वी सिंह) शो की शुरुआत में कहा था, जीतू भैया स्टूडेंट्स की सभी परेशानियों- चाहे वो एजुकेशन से जुड़ा हो, एजुकेशन से ना जुड़ा हो, फाइनेंशियल हो, रोमांटिक हो सबका हल निकालते हैं। सीज़न 3 में, जीतू भैया स्टूडेंट्स के साथ इस इक्वेशन और उनके प्रति और खुद के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को फिर से दोहराते हैं। वैभव, मीना, उदय और दूसरे स्टूडेंट्स अपने एंट्रेंस एग्जाम की ओर बढ़ रहे हैं।
इस सीज़न में, तिलोत्तमा शोम ने केमिस्ट्री टीचर पूजा दीदी के रूप में एक्टर्स को जॉइन किया है। जिन लोगों ने इस वेब सीरीज को देखा है वो उनके रोल की तारीफें करते थक नहीं रहे हैं।
सीज़न 2 का अंत एक मेहनती स्टूडेंट के आत्महत्या करने के साथ हुआ। जिससे जीतू भैया अंदर से बुरी तरह से हिल जाते हैं। वह फिर से सोचता है कि वह स्टूडेंट्स पर सबसे ज्यादा पॉजिटिव इंपैक्ट कैसे डाल सकता है।
सीज़न 3 में, वैभव, उदय, वर्तिका, मीना, शिवांगी (अहसास चन्ना) अपनी JEE और NEET की तैयारी में तेज़ी लाते हैं। मीना और वैभव 4 गुना तेज़ी से आगे बढ़ने का लक्ष्य रखते हैं, ज़्यादा से ज़्यादा टेस्ट पेपर हल करते हैं और प्रेरणा और विधि के लिए जीतू भैया से संपर्क करते हैं।
आइए जानते हैं कि कोटा फैक्ट्री का ये सीजन लोगों को पसंद आया है कि नहीं-


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