Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan Movie Review: सलमान खान के स्टारडम और स्वैग पर टिकी है ये एक्शन- फैमिली एंटरटेनर

निर्देशक- फरहाद सामजी
कलाकार- सलमान खान, पूजा हेगड़े, वंकटेश, भूमिका चावला, जगपति बाबू, विजेंद्र सिंह, राघव जुयाल, जस्सी गिल, सिद्धार्थ निगम, शहनाज गिल, पलक तिवारी, विनाली भटनागर
"अच्छी तरह समझाया है, अब बुरी तरह मारूंगा", भाईजान (सलमान खान) सामने खड़े गुडों से ये संवाद बोलते हैं और फिर शुरु होता है एक इंट्रोडक्टरी एक्शन सीक्वेंस, जहां वो एक के बाद एक कई खूंखार लोगों को धूल चटाते हैं। कुछ ही हड्डियां कड़कती हैं, कुछ की गर्दन टूटती है, तो कुछ यूं ही लड़ भिड़ के मर जाते हैं। ईद के मौके पर रिलीज हुई सलमान खान की इस फिल्म को एक एक्शन- फैमिली एंटरटेनर के रूप में बताया जा रहा है। खैर, फिल्म अपने एक्शन से कितना प्रभावित करती है, और ड्रामा से कितना एंटरटेन.. ये जानते हैं आगे।
कहानी
भाईजान (सलमान खान) पूरे मोहल्ले का मसीहा है। एक विधायक (विजेंद्र सिंह) उस मोहल्ले की जमीन हथियाना चाहता है, लेकिन भाईजान के सामने उसके सारे तिकरम फेल हो जाते हैं। भाईजान अपने तीन भाईयों के साथ रहता है और उन पर अपनी जान छिड़कता है। वो शादी से सख्त खिलाफ है क्योंकि उसे लगता है कि उनकी जिंदगी में लड़की के आने से भाईयों में दूरी आ जाएगी। लेकिन उसे नहीं पता कि उसके भाईयों की जिंदगी में पहले ही लड़कियां आ चुकी हैं। ऐसे में तीनों भाई अपने भाईजान के लिए लड़की की तलाश करते हैं और उनकी टक्कर होती है भाग्यलक्ष्मी (पूजा हेगड़े) से। जल्द ही भाईजान और भाग्यलक्ष्मी के बीच भी प्यार हो जाता है, लेकिन भाग्यलक्ष्मी और उसका परिवार अहिंसावादी है। खुद की असलियत छिपाकर भाईजान लड़की के भाई (वेंकटेश) और बाकी परिवार से मिलने हैदराबाद पहुंचते हैं। लेकिन वहां कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं कि भाईजान को जल्द ही अपने असली रूप में आना पड़ता है। ऐसे में भाग्यलक्ष्मी का परिवार उनके रिश्ते को अपनाएगा या नहीं? या इनके परिवार में छिपे हैं कुछ गहरे राज? इसी से इर्द गिर्द घूमती है बाकी की कहानी।
अभिनय
भाईजान के किरदार में सलमान खान ने वो सब दिखाया है, जो उनके फैंस उनसे देखना पसंद करते हैं। उनका स्टाइल है, स्वैग है, शर्टलेस सीन है और है ढ़ेर सारा एक्शन। सलमान खान पर फिल्माए कुछ एक्शन सीक्वेंस इंप्रेस करते हैं। लेकिन एक चीज जो दिल तक नहीं पहुंचती है, वो है पूजा हेगड़े के साथ उनकी लव स्टोरी। पूजा हेगड़े ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है। लेकिन रोमांस के मामले में ये जोड़ी चूकती है। वेंकटेश को बड़े पर्दे पर देखना दिलचस्प है। राघव जुयाल, जस्सी गिल, सिद्धार्थ निगम अपने किरदारों में ठीक लगे हैं। लेकिन भूमिका चावला, शहनाज गिल, पलक तिवारी, विनाली भटनागर का किरदार याद भी नहीं रहता। यहां कमी लेखन में है। फिल्म के किसी भी किरदार में कोई गहराई नहीं दिखती है। निगेटिव किरदारों में जगपति बाबू ने काफी बेहतरीन काम किया है, जबकि विजेंद्र सिंह कमजोर नजर आते हैं।
निर्देशन व तकनीकी पक्ष
फिल्म का जो कमजोर पक्ष है कि वो है निर्देशन और संवाद, जो कि फरहाद सामजी द्वारा किया गया है। फिल्म के संवाद में कोई गहराई नहीं है। जिस वजह से लव स्टोरी से कोई जुड़ाव महसूस नहीं हो पाता है, जो कि फिल्म का अहम हिस्सा है। वहीं, फरहाद सामजी के ज्यादातर पंच काम नहीं करते हैं। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर दिया है रवि बसरूर ने, जो कि फिल्म की एक पॉजिटिव बात है। वी मणिकंदन की सिनेमेटोग्राफी भी अच्छी है और फिल्म को एक भव्य स्परूप देती है।
संगीत
गानों के मामले में फिल्म किसी फेस्टिवल की तरह लगता है। खास बात है कि सभी गाने ओरिजनल हैं। लिहाजा, थोड़ी दिलचस्पी बनी रहती है। हालांकि गानों का कहानी से कोई सरोकार नहीं है। बिल्ली बिल्ली और ओ बल्ले बल्ले जैसे गाने स्क्रीन पर अच्छे लगते हैं। फिल्म के गानों को कंपोज किया है हिमेश रेशमिया, साजिद खान, सुखबीर, पायल देव, देवी श्री प्रसाद, रवि बसरूर और अमाल मलिक ने।
रेटिंग
सलमान खान अभिनीत इस मल्टीस्टारर फिल्म में भरपूर एक्शन है, फैमिली ड्रामा है, थोड़ा इमोशन है, लेकिन एक चीज जिसकी कमी है.. वो है 'अच्छी कहानी'। फिल्म की पटकथा ढ़ीली है, जिस वजह से यह कई मौकों पर काफी बिखरी नजर आती है। लेकिन फिर भी यहां वो सबकुछ डालने की कोशिश की गई है, जो सलमान खान फैंस की ईद को खास बना सकता है। फिल्मीबीट की ओर से 'किसी का भाई किसी की जान' को 3 स्टार।


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