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    दो कातिलों के बीच फंसी हसीना तो होना ही था किल दिल- फिल्म रिव्यू

    By Sonika
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    कहते हैं कि इश्क और जंग में सब जायज है लेकिन जब इश्क ही जंग बन जाए तो जायज नाजायज का फर्क ही मिट जाता है। किसी कातिल से जब हसीना का दिल लगेगा तो दिल का किल होना तो स्वाभाविक ही है। लेकिन सवाल ये उठता है कि इस किल दिल के चक्कर में बाकी कितने लोग निशाने बनते हैं। कुछ यही है आज रिलीज हो रही फिल्म किल दिल की कहानी।

    रणवीर सिंह जो कि इससे पहले फभी गुंडे के रुप में नज़र आ चुके हैं किल दिल में एक बार फिर से एक कातिल के रुप में नज़र आएंगे। परिणिती चोपड़ा और रणवीर सिंह बॉलीवुड के दो ऐसे सितारे हैं जिनके परदे पर आते ही एक जोश सा आ जाता है और इसी जोश में जब गोविंदा की मस्ती को जोड़ दिया जाए तो कहने ही क्या।

    कहानी

    कहानी

    कहानी कुछ यूं है कि देव और टूटू को बचपन से भइया जी यानी गोविंदा पालता है और उन्हें सीरियल किलर बनाता है। देव और टूटू एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं। देव को परिणिती चोपड़ा से प्यार हो जाता है जो कि अपराधियों को सुधारने का काम करती है। देव अपने प्यार के लिए जुर्म की दुनिया छोड़कर अच्छा आदमी बन जाता है लेकिन फिर एक दिन परिणिती को पता चलता है कि देव यानी रणवीर सिंह एक सीरियल किलर है तो वो उसे छोड़ देती है।

    इसके बाद फिर से देव भइया जी के पास वापस जाने की कोशिश करता है। लेकिन इस बार वो भइया जी के पास वापस जा पाता है या नहीं फिर से वो जुर्म की दुनिया में शामिल हो जाता है या फिर परिणिती का प्यार उसे इस दुनिया से बाहर निकाल देता है ये जानने के लिए तो आपको किल दिल देखनी होगी।

    अभिनय

    अभिनय

    रणवीर सिंह ने हर बार की तरह इस बार भी दर्शकों को एंटरटेन करने और सीट पर बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश की है और वो अपनी कोशिश में सफल भी हुए हैं। अली जफर कुछ खास नहीं लगे लेकिन कुछ कुछ दृष्यों में वो अपने अभिनय का काफी अच्छा तड़का लगाते नज़र आए। गोविंदा ने भी काफी बेहतरीन अभिनय किया लेकिन कमी इतनी थी कि गोविंदा को स्क्रीन पर कुछ खास वक्त नहीं दिया गया।

    निर्देशन

    निर्देशन

    निर्देशन की बात करें तो फिल्म में कई सारी कमिया थीं। फिल्म की कहानी अच्छी थी लेकिन उसे परदे पर उतारते समय कई सारी गलतियां कर दी गयीं जिसके चलते फिल्म दर्शकों को कुछ खास प्रभावित नहीं कर सकी। फिल्म का अंत भी कुछ ऐसा था कि उसपर यकीन करना मुश्किल हो गया। अंत किसी सरप्राइज से कम नहीं था।

    संगीत

    संगीत

    किल दिल के गाने बेहतरीन हैं। शंकर-एहसान-लॉय की तिकड़ी ने बेहतरीन संगीत दिया है लेकिन फिल्म देखते समय ये महसूस होता है कि संगीत काफी जगह बेवजह डाला गया है। जहां पर गानों की जरुरत ही नहीं थी।

    देखें या नहीं

    देखें या नहीं

    रणवीर सिंह, गोविंदा, परिणिती चोपड़ा की तिकड़ी है तो फिल्म में कुछ ना कुछ तो अच्छा होगा। हालांकि फिल्म एक बार से ज्यादा देखने योग्य नहीं है। लेकिन इतना है कि एक बार देखते समय आप बोर तो महसूस नहीं करेंगे।

    English summary
    Kill Dil is a story of Dev and Tutu, two best friends. Dev and Tutu played by Ranveer singh and Ali Zafar been brought up by Bhaiya ji played by Govinda. Dev loves Parineeti Chopra and this love story changes the whole story.
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