Khufiya Movie Review: विशाल भारद्वाज की जासूसी दुनिया में तब्बू, वामिका ने जीता दिल

निर्देशक- विशाल भारद्वाज
कलाकार- तब्बू, अली फजल, आशीष विद्यार्थी, वामिका गब्बी, अज़मेरी हक़ बधों
प्लेटफॉर्म- नेटफ्लिक्स
"जब तक दुनिया देश और धर्म में बंटी है, ये खून खराबा होता रहेगा, और इसके जिम्मेदार हम सब होंगे.. तुम भी और मैं भी.." कृष्णा मेहरा (तब्बू) उर्फ KM अपनी सामने बैठी चारू (वामिका गब्बी) को कहती है। विशाल भारद्वाज निर्देशित ये फिल्म अमर भूषण के उपन्यास 'एस्केप टू नोव्हेयर' पर आधारित है। जो आपको एक रॉ एजेंट कृष्णा मेहरा के सफर पर ले जाती है, जिसे एक बहुत ही महत्वपूर्ण मिशन सौंपा गया है। उसे एक जासूस और एक प्रेमिका के रूप में अपनी दोहरी पहचान से जूझते हुए, भारत के डिफेंस सीक्रेट को बेचने वाले जासूस का पता लगाना है।
कहानी
फिल्म की कहानी ढाका से शुरु होती है, जहां भारत की एक खुफिया एजेंट और कृष्णा की करीबी ऑक्टोपस (सीक्रेट नाम) को मार दिया जाता है। इस घटना से रॉ (RAW) में हलचल मच जाती है। कृष्णा मेहरा समेत सभी जानते हैं कि उनके बीच ही कोई गद्दार है। लेकिन कौन? सभी का अंदेशा रवि मोहन (अली फजल) की ओर जाता है। लिहाजा, रवि और रवि के परिवार पर कुछ वक्त नजर रखा जाता है, और आखिर सबका शक सही साबित होता है। रवि ही देश की सारे खुफिया जानकारी दूसरे मुल्क को बेचता है। लेकिन क्यों? इस सवाल का जवाब काफी दिलचस्प है। बहरहाल, कृष्णा मेहरा के नेतृत्व में रवि और उसके परिवार को गिरफ्त में लेने की पूरी प्लानिंग की जाती है, लेकिन क्या वो सफल हो पाते हैं? नहीं.. आगे कहानी कब, कैसे, किस ओर मुड़ती है, ये काफी थ्रिलिंग अनुभव देता है।
अभिनय
विशाल भारद्वाज ने फिल्म के हर किरदार को जितनी कुशलता से गढ़ा है, वो काबिले तारीफ है। कोई शक नहीं कि इस फिल्म की स्टारकास्ट इसका मजबूत पक्ष है। मकबूल और हैदर के बाद, विशाल एक बार फिर तब्बू के साथ आए हैं, और अभिनेत्री ने अपनी दमदार अदाकारी से एक बार फिर दिखा दिया कि वो क्यों निर्देशक की चहेती हैं। बेटे के साथ कृष्णा मेहरा का इमोशनल पल हो, या बतौर एजेंट एक कठोर अफसर.. तब्बू हर भाव को पर्दे पर सटीक उतारती हैं। तब्बू के अलावा, जिस कलाकार ने काफी ध्यान आकर्षित किया है, वो हैं वामिका गब्बी। वेब सीरीज 'जुबली' के बाद, इस फिल्म से वामिका ने एक बार फिर प्रभावित किया है। अज़मेरी हक़ बधों भी अपने किरदार में जादुई लगी हैं। अली फजल, आशीष विद्यार्थी प्रभावी हैं।
निर्देशन
विशाल भारद्वाज के फिल्मों का अपना एक अलग अंदाज होता है, एक अलग रंग और अलग मिजाज होता है। 'खुफिया' भी उससे अछूती नहीं है। वहीं, किताबों पर फिल्म बनाना भी निर्देशक की बड़ी खासियत है। इससे पहले उन्होंने शेक्सपीयर के उपन्यासों पर 'मकबूल', 'ओंकारा' और 'हैदर' बनाई है। बहरहाल, खुफिया में किरदारों को जिस तरह से गढ़ा गया है, या जिस तरह से उन्हें सामने लाया जाता है, वो काफी प्रभावी है। लेकिन संस्पेंस की बात करें तो कहानी थोड़ी प्रेटिक्टेबल लगती है, खासकर सेकेंड हॉफ में। खुफिया एजेंट्स किस तरह काम करते हैं, यह काफी गंभीरता के साथ दिखाया गया है। लेकिन कहानी में कुछ बड़ा ट्विस्ट ना होने की कमी खलती है। फिल्म का संगीत बेहतरीन है, जिसे खुद विशाल भारद्वाज ने कंपोज किया है। इसके गानों की अलग से तारीफ होनी चाहिए।
रेटिंग
विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी 'खुफिया' एक दिलचस्प स्पाई थ्रिलर है। पटकथा के स्तर पर थोड़ी कमियां हैं, लेकिन दमदार स्टारकास्ट के लिए नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध इस फिल्म को जरूर देख सकते हैं। फिल्मीबीट की ओर से 'खुफिया' को 3 स्टार।


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