जिंदगी खूबसूरत बनानी हो तो 'सारे नियम तोड़ दो'- खूबसूरत फिल्म समीक्षा
निर्माता- रिहा कपूर, अनिल कपूर, सिद्धार्थ रॉय कपूर
निर्देशक- शशांक घोष
कलाकार- सोनम कपूर, फवाद खान, किरण खेर, रत्ना पाठक
संगीत- स्नेहा खानवालकर
कुछ यही गुनगुनाते हुए हम सोनम कपूर की फिल्म खूबसूरत देखने सिनेमाहॉल पहुंचे..सारे नियम तोड़ दो.. नियम पर चलना छोड़ दो.. इंकलाब जिंदाबाद..इंकलाब जिंदाबाद। लेकिन सच मानें तो जैसे ही परदे पर खूबसूरत का पहला दृष्य आया और सामने सोनम कपूर दिखीं तो उसके बाद तो रेखा की खूबसूरत का ख्याल तक जहन में नहीं आया। किसी भी मामले में शशांक घोष की खूबसूरत रेखा की 'खूबसूरत' के करीब नहीं है।
खूबसूरत को एक डिज्नी की बच्चों की प्रिंस व प्रिंसेस की कहानी वाली फिल्म कहा जाए तो शायद गलत ना होगा। फिल्म में एक प्रिंस है विक्रम राठौर (फवाद खान) जिन्हें हंसना नहीं आता और जो बहुत ही नाप तोल कर लफ्ज़ों का प्रयोग करते हैं। वहीं एक है मिली चक्रवर्ती (सोनम कपूर) जो एक बार बोलना शुरु करें तो उन्हें चुप कराना नामुमकिन हो जाता है। प्रिंस और मिली की मुलाकात, झड़प, फिर प्यार और फिर फिल्म की हैप्पी एंडिंग। डिज्नी की फिल्मों में यही होता है।
खूबसूरत की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, प्यारी सी, हंसाने वाली। फिल्म में एडल्ट सीन के नाम पर दो-तीन किसिंग सीन्स हैं और वो भी सिर्फ बैकग्राउंड साउंड के जरिये ही शूट किया गया है। फिल्म देखते समय आप किसी भी दृष्य में इमोशनल नहीं होंगे ये एक हंसने हंसाने वाली फिल्म है जिसे देखते समय आपके 2 घंटे 30 मिनट बहुत ही आसानी से कट जाएंगे। हां अगर फिल्म देखते समय या उसके बाद फवाद को सोचकर लड़कियों को गंदे गंदे ख्याल आएं तो समझियेगा कि खूबसूरत फिल्म तो हिट है।


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