»   » Kedarnath Movie Review: सारा अली खान की धमाकेदार डेब्यू, लेकिन बेदम है फिल्म की कहानी

Kedarnath Movie Review: सारा अली खान की धमाकेदार डेब्यू, लेकिन बेदम है फिल्म की कहानी

Subscribe to Filmibeat Hindi
Kedarnath PUBLIC Review: जनता को ऐसी लगी Sushant Singh Rajput & Sara Ali Khan की फिल्म | FilmiBeat

तीर्थस्थल केदारनाथ में रह रहे मंसूर ( सुशांत सिंह राजपूत) और मुक्कु (सारा अली खान) की कहानी है 'केदारनाथ'। जहां मुक्कु केदारनाथ के पंडितजी की बेटी है, वहीं मंसूर पिट्ठू है। यहां प्रेम कहानी की शुरुआत लड़की की तरफ से होती है, लेकिन कुछ मुलाकातों के बाद मंसूर भी अपना दिल दे बैठता है। लेकिन दुर्भाग्यवश उनके प्रेम कहानी की खबर जल्द ही परिवार वालों को सामने आ जाती है और अगले ही दिन मुक्कु की शादी कहीं और पक्की कर दी जाती है।

kedarnath

गुस्से से भरकर मुक्कु के पिताजी कहते हैं- 'नहीं होगा ये संगम, फिर चाहे प्रलय ही क्यों ना आ जाए..' और फिर मुक्कु कहती है- 'तो जाप करुंगी दिन रात- की आए..' । फिर क्या था, बादल फट पड़ते हैं और मंसूर- मुक्कु के गांव में जल प्रलय आ जाता है। केदारनाथ त्रासदी को निर्देशक ने काफी दमदार तरीके से दर्शकों के सामने पेश किया है, जिसे देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

अभिषेक कपूर ने 2013 में केदारनाथ में आए विनाशकारी प्राकृतिक आपदा पर आधारित एक प्रेम कहानी गढ़ी है। लेकिन फिल्म की पटकथा काफी कमजोर है, जो खासकर फिल्म के फर्स्ट हॉफ को बहुत ही सुस्त बनाती है। फिल्म के लेखक और निर्देशक ने पर्यावरण को होने वाले खतरे को भी कहानी में शामिल किया है, लेकिन उसे कहीं बीच में ही छोड़ दिया। फिल्म का निर्देशन काफी कमजोर है और कुछ नया देखने को नहीं मिलता।

kedarnath

अभिनय की बात करें तो केदारनाथ पूरी तरह से सारा अली खान की फिल्म है। सारा के अभिनय में आत्म विश्वास दिखता है और पर्दे पर वह बेहद खूबसूरत दिखती हैं। दृढ़ और दमदार मुक्कु के किरदार में सारा ने जान फूंक दी है। कई सीन्स में सारा अली खान ने अपने आंखों से ही अभिनय किया है। वहीं कुछ हिस्सों में वह बिल्कुल अपनी मां अमृता सिंह की याद दिलाती हैं।

kedarnath

वहीं, सुशांत सिंह राजपूत कहीं ना कहीं दबे से नजर आए हैं। संभव है स्क्रिप्ट की वैसी ही डिमांड हो। लेकिन सुशांत जैसे दमदार अभिनेता से हम और उम्मीद रखते हैं। मंसूर और मुक्कु दोनों स्वभाव से बिल्कुल अलग हैं, दोनों के किरदारों में यदि थोड़ा और ध्यान दिया जाता तो फिल्म में उनका रोमांस काफी प्रभाव छोड़ जाता।

फिल्म के बाकी स्टारकास्ट नितिश भारद्वाज, पूजा गोर और अल्का अमिन को अपने किरदारों में ज्यादा निखरने का मौका ही नहीं दिया गया।

kedarnath

सिनेमेटोग्राफर तुषार कांति ने केदारनाथ की खूबसूरत छटा को कैमरे में बेहतरीन कैद किया है। कुछ सीन्स तो बहुत ही खूबसूरत हैं। फिल्म की एडिटिंग अच्छी है। लेकिन अमित त्रेवेदी की म्यूजिक ऐवरेज है, फिल्म में 'नमो नमो' के अलावा एक भी गाना ज्यादा देर तक आप पर प्रभाव नहीं छोड़ता।

सारा अली खान के शानदार अभिनय को छोड़ दिया जाए तो अभिषेक कपूर की केदारनाथ कहानी के मामले में कमजोर है और निर्देशक ने हाथ आई एक बड़े अवसर को खो दिया है। फिल्म को हमारी ओर से ढ़ाई स्टार।

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    English summary
    Kedarnath movie review: Abhishek Kapoor takes a leaf from 2013 Uttarakhand floods and places his tale of doomed love there. However, the writing lacks a spark and comes across as lethargic especially in the first half.

    रहें फिल्म इंडस्ट्री की हर खबर से अपडेट और पाएं मूवी रिव्यूज - Filmibeat Hindi

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Filmibeat sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Filmibeat website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more