एक खास वर्ग को लुभाएगी कर्ज

निर्देशक - सतीश कौशिक
कलाकार - हिमेश रेशमिया, उर्मिला मातोंडकर, श्वेता कुमार, डीनो मोरिया, हिमानी शिवपुरी।
संगीत - हिमेश रेशमिया
सुभाष घई की फिल्म कर्ज के तीन दशक बाद निर्देशक सतीश कौशिक ने उसी 'कर्ज" को रीमेक के जरिए एक बार फिर बेहद खूबसूरती से रुपहले पर्दे पर उभारा है। ऐसे में सुभाष घई की 'कर्ज" और सतीश कौशिक की 'कर्ज" में तुलना लाजिमी सी बात है।
गायक से अभिनेता बने हिमेश रेशमिया के अभिनय में झलकता जोश और विश्वास नई 'कर्ज" को खास बनाता है। इससे पहले फिल्म 'आप का सुरूर" में उन्होंने एक गायक (हिमेश रेशमिया) की ही भूमिका निभाई थी, लेकिन 'कर्ज" में वे मोंटी बने हैं।
हिमेश के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती थी कि उन्हें न केवल मोंटी बनना था, बल्कि वैसा ही अभिनय भी करना था और यह काम उन्होंने बखूबी किया है।
एक संगीत कार्यक्रम के दौरान मोंटी (हिमेश रेशमिया) अचानक ही एक नई धुन बजाने लगता है और उसके आंखों के सामने कुछ अजीब से दृश्य (मंदिर, हवेली, एक खूबसूरत लड़की) घूमने लगते हैं, और वह बेहोश होकर गिर पड़ता है।
इस हवेली की तलाश करने के बाद मोंटी को पता चलता है कि उसका मालिक कोई रवि वर्मा (डीनो मोरिया) है, जिसकी मौत एक हादसे में हो गई है। इसके बाद कहानी में वह दिलचस्प मोड़ आता है जहां मोंटी को मालूम चलता है कि पिछले जन्म में वहीं रवि वर्मा था और उसकी शादी एक खूबसूरत लड़की कामिनी (उर्मिला मातोंडकर) से होती है।
इसके बाद हिमेश और श्वेता के बीच प्रेम संबंध वाले दृश्य और उर्मिला का दोबारा लौटना भी बेहद दिलचस्प बन पड़ा है। अंतराल के बाद फिल्म 'कर्ज" के दूसरे हिस्से में हिमेश और उर्मिला के बीच फिल्माए गए दृश्य आप सांस थामें देखते रह जाएंगे। पुर्नजन्म की याद आते ही हिमेश का अपनी मां से मिलने वाले दृश्य आपकी आंखों में भी यकीनन आंसू ला देंगे।
निर्देशक सतीश कौशिक ने कहानी और किरदारों के बीच कसाव को जितनी सजगता से बांधे रखा है, उतनी ही कसाव शिराज अहमद की पटकथा में देखने को मिलता है। हिमेश और उर्मिला के बीच संवाद और मनोज सोनी की सिनेमोटोग्राफी भी काबिले तारीफ है।
बतौर संगीतकार हिमेश रेशमिया का संगीत लोगों को जितना पंसद आता है, अभिनय की कसौटी पर भी वे उतने ही खरे उतरते हैं। अभिनय की दृष्टि से हिमेश और उर्मिला दोनों ही लाजवाब है।
इस फिल्म में श्वेता कुमार काफी आर्कषक लगती हैं। चूंकि यह फिल्म मोंटी और कामिनी- इन दो किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है, इसलिए श्वेता को अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाने का ज्यादा मौका नहीं मिला है। डीनो मोरिया का अभिनय लाजवाब है। डैनी डेंग्जोपा ने अपना किरदार जितनी खूबसूरती से निभाया है, वहीं गुलशन ग्रोवर और राज बब्बर का किरदार जबरन शामिल किए जैसे लगते हैं।
कुल मिलाकर, फिल्म 'कर्ज" एक मनोरंजन प्रधान फिल्म है। सिनेप्रेमियों के बीच हिमेश रेशमिया की बढ़ती लोकप्रियता (खासकर उनके द्वारा बनाए और गाए गीतों को लेकर) और बड़ा मकाम हासिल करेगी। बॉक्स ऑफिस की बात करें तो सिनेमाघरों के टिकट-खिड़की पर भी यह जबरदस्त भीड़ खींचने की काबलियत रखती है।


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