Kalki 2898 AD Review: फिल्म के लिए लाइफलाइन साबित हुए अमिताभ, दूसरे हाफ की वजह से बची नाग अश्विन की नाक

Star Cast: Prabhas, Kamal Haasan, Deepika Padukone, Amitabh Bachchan
Director: Nag Ashwin
Kalki 2898 AD Review: आज ही वो दिन है, जिसका प्रभास के फैंस इंतजार कर रहे थे, दीपिका के दीवाने टकटकी लगाए बैठे थे और अमिताभ के चाहने वाले पर्दे पर उन्हें अलग अंदाज में देखने के लिए बेताब थे। यानी आज रिलीज हो गई है Kalki 2898 AD. लेकिन क्या ये फिल्म आपकी उम्मीदों पर खरी उतरी है, या इस फिल्म का आदिपुरुष जैसा ही हाल होने वाला है? आइए जानते हैं इस रिव्यू में...
क्या है कहानी?
इस फिल्म की शुरुआत होती है एक ऐसी दुनिया से जहां भूख और कंगाली से मर रहे हैं। 2898 का वाराणसी ही एक ऐसी जगह बची है, जहां जीवन बचा है। बाकि जगह पर तबाही मच चुकी है और जीवन नष्ट हो चुका है। इसी जगह कलि का साम्राज्य है जो कि कॉम्पलेक्स के नाम से जाना जाता है। कॉम्पलेक्स में फर्टाइल औरतों को लाया जाता है और उन्हें तकनीक के माध्यम से प्रेग्नेंट किया जाता है और जब वो प्रेग्नेंट हो जाती हैं तो उनके बच्चे को गर्भ में मारकर उसका सीरम कलि तक पहुंचाया जाता है।
दीपिका भी कॉम्पलेक्स का हिस्सा होती है लेकिन वो प्रेग्नेंट हो जाती है और वो अपने बच्चे को रखना चाहती है। कॉम्पलेक्स से भागने में कुछ लोग दीपिका की मदद करते हैं और फिर अमिताभ की एंट्री होती है जो कि अश्वत्थामा का रोल निभा रहे हैं। उन्होंने दीपिका को बचाने का प्रण लिया है। उधर प्रभास ने भैरवा का रोल निभाया है, जो कि अपनी शक्तियों से अनजान है और वो दीपिका को कॉम्पलेक्स के हवाले करना चाहता है ताकि वो कॉम्पलेक्स में अपना जीवन काट सके। लेकिन उसकी किस्मत में तो कुछ और ही लिखा है।
कैसी है एक्टिंग
फिल्म में सभी ने कमाल का काम किया है लेकिन प्रभास के रोल को मजाकिया बनाने के चक्कर में कई जगहों पर उसे जोकर जैसा दिखाया है। अमिताभ बच्चन जब-जब स्क्रीन स्पेस में आए हैं बेहतरीन लगे हैं उनकी प्रेजेंस ने ही फिल्म पर वजन डाला है, इस फिल्म का हीरो अगर अमिताभ बच्चन को बोला जाए तो गलत नहीं होगा। दीपिका पादुकोण के पास इस मूवी में ज्यादा डायलॉग नहीं है लेकिन उनकी एक्सप्रेशन्स ही आपका दिल जीत लेगी। वहीं कमल हासन का रोल देखकर तो आपको रोंगटे खड़े होने वाले हैं, इस फिल्म में वो काफी निर्दयी और ताकतवर दिखाए गए हैं।
कैसा है डायरेक्शन
जैसा कि पहले भी बताया गया है कि फिल्म का पहला हाफ काफी बोरिंग है। कई सीन को जान-बूझकर खींचा गया है। प्रभास को जबरदस्ती हीरो दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म में कई जगह पर महाभारत के सीक्वेंस दिखाए गए हैं, जो कि बहुत ज्यादा अच्छे हैं, इन सीन्स में VFX कमाल का है। लेकिन बाकी कई फाइट सीन में VFX थोड़ा बचकाना सा लग सकता है। नाग अश्विन ने अपना पूरा जिस्ट इस फिल्म महाभारत के सीक्वेंस और फिल्म के आखिरी 45 मिनट में लगा दिया है। लेकिन बाकी कई जगहों पर कहानी खींची-खींची सी लग रही थी। फिल्म में हॉलीवुड की मार्वल फिल्मों से कई रेफरेंस लिए गए हैं लेकिन कई जगहों पर उसका एग्जिक्यूशन ढंग से नहीं किया गया है।
फाइनल रिव्यू
अगर आपको पीरियड ड्रामा और डिस्टोपियन थीम वाली फिल्में पसंद हैं तो आप इस मूवी को देख सकते हैं। पहले हाफ में थोड़ी निराशा और कन्फ्यूजन हो सकती है। लेकिन दूसरे हाफ से सबकुछ सधा-सधा सा नजर आने लगेगा। फिल्म का दूसरा पार्ट भी आना है और पहले पार्ट में कलियुग के दानव को और भी शक्तिशाली होते हुए दिखाया गया है। वहीं, इस पार्ट में प्रभास का एक फनी साइड दिखाई देगा लेकिन हां आने वाले पार्ट में प्रभास को एक अहम रोल में देखने की उम्मीद की जा सकती है। ये कहना गलत नहीं होगा कि इस फिल्म का अंत ही नाग अश्विन के KALKI 2898 AD की शुरुआत है। इस फिल्म को फिल्मीबीट हिंदी की तरफ से मिलती है 3 रेटिंग।


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