Jogira Sara Ra Ra Movie Review: हंसी का अच्छा डोज़ देती है नवाजुद्दीन सिद्दीकी- नेहा शर्मा की रोमांटिक- कॉमेडी

निर्देशक- कुशान नंदी
कलाकार- नवाजुद्दीन सिद्दीकी, नेहा शर्मा, संजय मिश्रा, मिमोह चक्रवर्ती, जरीना वहाब
"शादी अरेंज तो करवाते हो, डिस- अरेंज भी करवाते हो क्या?" डिंपल अपने वेडिंग प्लानर जोगी से पूछती है और यहीं से बनता है कि फिल्म का प्लॉट। नवाजुद्दीन सिद्दीकी को ऐसे हल्के फुल्के अवतार में देखना एक अलग और मजेदार अनुभव है, खासकर जब वो स्क्रीन पर डांस करते दिखते हैं। वहीं, संजय मिश्रा की मौजूदगी भर ही फिल्म को ऊंचा उठाती है।
कहानी
अपनी मां, बुआ और 4 बहनों के साथ रह रहा जोगी प्रताप (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) वेडिंग प्लानर है। जो जुगाड़ लगाकर दूसरों की शादियां करवाता है, लेकिन खुद ने प्रण ले रखा है कि कभी शादी नहीं करेगा। ऐसे में बरेली की एक शादी में जोगी की मुलाकात होती है डिंपल चौबे (नेहा शर्मा) से। जिस शादी का वेडिंग प्लानर है जोगी, वहीं डिंपल बिन बुलाई मेहमान बनकर घुस आती है और खूब हंगामा मच जाता है। जाहिर है.. ये मुलाकात जोगी को याद रह जाती है। कई दिनों के बाद उसके पास दूसरी शादी प्लान करने का काम आता है। पता चलता है कि ये डिंपल की ही शादी है। बाद में लड़की उसे बताती है कि उसे ये शादी नहीं करनी, और वो जोगी से शादी अरेंज करवाने की जगह डिस- अरेंज करवाने को कहती है। यहां से शुरु होता है भागमभाग। इस भागने भगाने की प्लानिंग में जोगी का दोस्त मनु (रोहित चौधरी), शहर का चर्चित क्रिमिनल चौधरी (संजय मिश्रा) और दो पुलिस वाले (विश्वनाथ चटर्जी और घनश्याम गर्ग) भी घेरे में आ जाते हैं। अब डिंपल की शादी टूट पाती है या नहीं.. बाकी की कहानी इसी के इर्द गिर्द घूमती है।
अभिनय
नवाज़ुद्दीन को हम लीक से हटकर किरदारों में देखने के इतने आदी हो गए हैं कि उन्हें आम आदमी की भूमिका निभाते हुए देखना ही अलग लगता है। जोगी के किरदार में वो एक फ्रेशनेस लाने की कोशिश करते हैं और कुछ हद तक सफल भी होते हैं। नेहा शर्मा अपनी भूमिका में कॉफिडेंट दिखती हैं और नवाज के साथ उनकी कॉमिक टाइमिंग अच्छी बैठी है। हालांकि, उनके किरदार को थोड़ी और गहराई दी जा सकती थी। महाअक्षय चक्रवर्ती उर्फ मिमोह एक लल्लू दूल्हे के किरदार में ठीक लगे हैं। लेकिन फिल्म को जो एक ऊंचाई देते हैं, वो हैं संजय मिश्रा। कह सकते हैं कि वो इस फिल्म का सबसे अच्छा हिस्सा हैं। नवाज के दोस्त के रोल में रोहित चौधरी ने भी काफी अच्छा काम किया है।
निर्देशन व तकनीकी पक्ष
निर्देशक कुशान नंदी ने पूरी फिल्म को हल्का फुल्का ही बनाए रखा है। उन्होंने कहानी को कहीं भी ज्यादा कॉम्लिकेट करने की या इमोशंस भरने की कोशिश नहीं की.. और शायद यही फिल्म के फेवर में काम करती है। बता दें, इससे पहले कुशान और नवाजुद्दीन ने फिल्म 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' में साथ काम किया है। फिल्म का संगीत और कैमरा वर्क औसत है। फिल्म की कहानी लिखी है गालिब असद भोपाली ने, जिन्होंने लगातार फिल्म का एक टोन बनाकर रखा है। कुछ मजाकिये संवाद काफी फ्रेश हैं, जो आपके चेहरे पर हंसी छोड़ जाती है और आप इसी हंसी के साथ थियेटर से बाहर निकलते हैं।
रेटिंग
कुल मिलाकर, 'जोगीरा सारा रा रा' अपने दर्शकों को कुछ नया नहीं देती है। लेकिन दो घंटे के लिए एंटरटेन करने में जरूर सफल होती है, लिहाजा इसे एक मौका देना तो बनता है। फिल्मीबीट की ओर से 'जोगीरा सारा रा रा' को 2.5 स्टार।


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