'झूठा कहीं का' फिल्म रिव्यू: सालों पुरानी कॉमेडी के साथ हंसाने की कोशिश- रहे नाकाम
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फिल्म के एक सीन में राजेश शर्मा अपने जीजा ऋषि कपूर से सवाल करते हैं- 'दीदी की मुस्कान अच्छी नहीं लगी आपको कभी?' इस पर ऋषि जवाब देते हैं- 'जहां इनके डिंपल पड़ते हैं ना, तेरी दीदी के वहां पिंपल रहते थे..' फिल्म 'झूठा कहीं का' इसी तरह के डायलॉग्स को लिए हंसाने की कोशिश करती है, जाहिर है इस कोशिश में फिल्म बुरी तरह फेल हो जाती है।
सीधे फिल्म की कहानी पर आते हैं। फिल्म की शुरुआत पंजाब के योगराज सिंह(ऋषि कपूर) से होती है, जो चाहते हैं कि मॉरिशस से आया उनका बेटा वरुण (ओंकार कपूर) उनकी फैमिली बिजनेस से जुड़ जाए। लेकिन वरुण इससे बचकर वापस मॉरिशस चला जाता है, जहां वह अपने दोस्त करण(सनी सिंह) के साथ नौकरी की तलाश करता है।

इसी दौरान वरुण को रिया (निमिषा मेहता) से प्यार हो जाता है। निमिषा को पाने के लिए वह अपने अनाथ होने का नाटक रचता है और शादी भी कर लेता है। इसके बाद वरुण रिया की मां रुचि मेहता (लिलिट दुबे) और अपाहिज पिता (मनोज जोशी) के साथ ही रहता है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट उस वक्त आता है जब उसके पिता योगराज सिंह पूरे परिवार के साथ मॉरिशस में उसी घर का किरायेदार बनकर आ जाता है, जहां ये सब रह रहे होते हैं। फिर अपने झूठ को छिपाने के लिए वरुण झूठ पे झूठ बोलता जाता है। दोनों दोस्त झूठ की दलदल में गहरे धंसते जाते हैं।
फिल्म 'झूठा कहीं का' सपीम कंग के निर्देशन में ही बनी पंजाबी फिल्म 'कैरी ऑन जट्टा' की रीमेक है। जहां पंजाबी फिल्म सुपरहिट रही थी। वहीं, हिंदी रीमेक में निर्देशक दो घंटों तक आपको ध्यान आकर्षित रखने में चूक गए। फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी ढ़ीला है। कई डायलॉग्स हैं जो पहले भी हम कहीं ना कहीं सुन चुके हैं। वहीं, कुछ डायलॉस महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। फिल्म में कुछ सीन हंसाते हैं और क्लाईमैक्स दिलचस्पी जगाता है।
फिल्म की कमजोर कहानी को कलाकारों के दमदार अभिनय ने काफी हद तक बचा लिया है। ऋषि कपूर ने हर फिल्म की तरह यहां भी अपना बेस्ट दिया है। उनकी एनर्जी फिल्म में जान भरती है। जिमी शेरगिल इंटरवल के बाद आते हैं, लेकिन शानदार लगे हैं। ओंकार कपूर और सनी सिंह ने ठीक ठाक काम किया है। फिल्म का संगीत औसत है।
कुल मिलाकर समीप कंग की फिल्म झूठा कहीं का अपने नाम के अनुरुप ही निकल गई। एक झूठ को छिपाने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते है और ये झूठ कितनी मुसीबत पैदा कर सकती है, पूरी फिल्म इसी स्टोरी लाइन पर है। हमारी ओर से फिल्म को 2 स्टार।


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