Jugnuma Movie Review: क्या है 'जगनुमा' का असली मतलब? मनोज बाजपेयी की फिल्म ने छोड़े कई सवाल

Jugnuma Movie

Rating:
3.0/5

Jugnuma Movie Review: मनोज बाजपेयी एक बार फिर हाजिर हैं अपनी नई फिल्म के साथ। इस बार वो बिलकुल अलग कॉन्सेप्ट के साथ आपको दिखने वाले हैं। लेकिन क्या आपको ये फिल्म देखनी चाहिए या स्किप करनी चाहिए, आइए इस रिव्यू में जानते हैं।

क्या है कहानी

जगनुमा की कहानी देव (मनोज बाजपेयी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पहाड़ों में अपने 5000 एकड़ में फैले बागान का मालिक है। वह घरवालों से अंग्रेजी और नौकरों से हिंदी में बातचीत करते हैं, जिससे सामाजिक फर्क साफ झलकता है।

देव की एक अनोखी आदत है-वह पंख बांधकर आसमान में उड़ता है। उसके लिए ये उतना ही आसान है जितना जंगल में टहलना। हालांकि, उसके इस बर्ताव में एक अनकहा अहंकार और वर्गभेद भी साफ नजर आता है। फिल्म में कुछ बड़े ट्विस्ट नहीं हैं, लेकिन एक स्ट्रेस लगातार बना रहता है। कहानी का एंड ओपन है, जिसे हर दर्शक अपनी समझ के हिसाब से जोड़ सकता है।

कैसी है फिल्म?

फिल्म का सबसे खूबसूरत पहलू है इसकी लोकेशन और सिनेमैटोग्राफी। पहाड़ों की शांति, जंगल की हरियाली और तारों भरा आसमान आपको खींच लेता है। कहानी धीरे-धीरे चलती है, जिससे कुछ दर्शकों को गहराई पसंद आएगी तो कुछ को ये सुस्त लगेगी। फिल्म बिना शोर मचाए ये मैसेज देती है कि प्रकृति की रक्षा करना जरूरी है और सादगी से जीने में ही असली सुकून है। फिल्म का फर्स्ट हाफ आपको पसंद आ सकता है लेकिन सैकेंड हाफ आपको थोड़ा बोर कर सकता है।

इस फिल्म को देखकर आपको एहसास होगा कि आप कोई फिल्म नहीं बल्कि कोई डॉक्यूमेंट्री देख रहे हों। इस फिल्म में तिलोत्तमा शोम को जबरदस्ती एक कहानी कहने के लिए रखा हुआ है, अगर वो इस फिल्म में ना भी होतीं तो भी चल जाता। या यूं कहें कि उनकी पर्सनैलिटी के हिसाब से उनका कैरेक्टर नहीं लिखा गया है।

कैसी है एक्टिंग?

मनोज बाजपेयी इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने देव के किरदार को बारीकी से जिया है। दीपक डोबरियाल की आवाज और नैरेशन फिल्म को और गहराई देता है। बाकी कलाकारों ने भी अच्छा काम किया है, लेकिन पूरी फिल्म मनोज बाजपेयी के इर्द-गिर्द ही घूमती है।

फाइनल रिव्यू

जगनुमा एक आर्टिस्टिक फिल्म है, जो खूबसूरत विजुअल्स और मजबूत एक्टिंग के दम पर खड़ी है। लेकिन इसकी धीमी रफ्तार और खुला हुआ अंत हर दर्शक को पसंद आए, ये जरूरी नहीं। अगर आप सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्मों के शौकीन हैं तो इसे जरूर देख सकते हैं। लेकिन अगर आप मसाला और तेज-रफ्तार मनोरंजन ढूंढ रहे हैं, तो यह फिल्म आपके लिए नहीं है। फिल्मीबीट हिंदी की तरफ से इस फिल्म को मिलते हैं 3 स्टार।

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