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Review - अगर आप शाहरुख फैन हैं तो मत पढ़िए दिल टूट जाएगा

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2.5/5

कास्ट- शाहरुख खान अनुष्का शर्मा
डायरेक्टर - इम्तियाज अली
प्रोड्यूसर - गौरी खान
लेखक - इम्तियाज अली
शानदार पॉइंट - शानदार लोकेशन, परफॉर्मेंस
निगेटिव पॉइंट - फिल्म का दूसरा हाफ और प्लॉट
शानदार मोमेंट - आप इम्तियाज अली जोन में चले जाते हैं जहां कई अच्छे मोमेंट्स आपके साथ रहते हैं। एक सीन जहां शाहरुख खान अपने इमोशन और अकेलेपन को समुद्र के सामने उतार रहे होते हैं और अनुष्का उनके पीछे बैठी होती हैं। एक और सीन है जहां शाहरुख अचानक अनुष्का को गले लगाने के लिए कहते हैं। इन दोनों सीन को देखकर आपका गला भर आएगा।

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प्लॉट

प्लॉट

बैकग्राउंड में सफर गाने के साथ फिल्म की शुरूआत होती है और हरिंदर सिंह नरुला (शाहरुख खान) को इंट्रोड्यूस कराया जाता है। वो यूरोप के कई हिस्सों का एक आकर्षक टुरिस्ट गाइड है। लेकिन अंदर ही अंदर वो अकेला और तन्हा है। ये तबतक चलता है जब तक उसकी जिंदगी में सेजल (अनुष्का शर्मा) नहीं आ जाती है। सेजल अपनी सगाई की अंगुठी एम्सटर्डन के टूर में खो देती है। हैरी मानता है कि फ्लर्ट करना उसके व्यवहार में शामिल है और वो बताता है कि टूर के दौरान वो कई महिलाओं के साथ इंटिमेट हो चुका है। हालांकि सेजल को इस बात पर हंसी आती है और कहती है कि उसे सगाई की अंगुठी खोजने में मदद करनी चाहिए। दोनों को शुरूआती बॉन्डिंग काफी अच्छी दिखाई गई है।

प्लॉट

प्लॉट

जल्दी ही इस सफर के बीच दोनों एक दूसरे के करीब आते हैं, बातों का सिलसिला चलता है और दोस्ती हो जाती है। वहीं सेजल उसे टूर गाइड नहीं समझती है और जरूरत पड़ने पर लोगों को ये भी दिखाते हैं कि वो कपल हैं।एक ओर जहां अंगुठी की तलाश जारी है वहीं हैरी को जल्द ही एहसास होता है कि वो सेजल से प्यार करता है और वो सेजल को इस बात का संकेत भी देता है लेकिन सेजल उससे कहती है कि वो ऐसी लड़की नहीं है जो टूर गाइड के साथ भागने के लिए सगाई तोड़ दे। दोनों इस स्थिति में डूबते चले जाते हैं। रुमी की शब्दों में 'इंतजार ना करें, समुद्र में डुबकी लगाएं और खुद को बस समुद्र के हवाले कर दें।'

क्या वो आखिरकार वो समझ पाएंगे कि उनकी मंजिल क्या है और वो क्या तलाश रहे हैं?

डायरेक्शन

डायरेक्शन

इम्तियाज अली लव स्टोरी, खुद को पहचानने की कोशिश और शानदार लोकेशन के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस बार प्लॉट उनकी हर फिल्म की तरह दमदार नहीं है।
फिल्म में नवीनता की कमी है और इस फिल्म में इम्तियाज की पिछली फिल्मों के तत्व हैं। हमें हैरी की शुरूआती जिंदगी की झलक भी दिखती है लेकिन डायरेक्टर ने इसे अधिक नहीं दिखाया है। शायद ये फिल्म में और गहराई प्रदान करता।

फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी मजेदार,मस्ती और फर्ल्ट से भरा है लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म में मेलोड्रामा है। इससे भी ज्यादा बड़ी बात है कि ये टिपिकल बॉलीवुड की रोमांटिक फिल्म है जो बिल्कुल इम्तियाज अली का स्टाइल नहीं है।

शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा अपनी केमेस्ट्री से आपको बांधे रहने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे लेकिन फिल्म में पुर्वानुमान लगाते जाएंगे और मिलीजुली प्रतिक्रिया के साथ बाहर निकलेंगे।

परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस

शाहरुख खान का कैरेक्टर राज या राहुल की तरह इस फिल्म में नहीं है। हैरी के अंदर किसी तरह की हिचक नहीं है। वो कुबूल करता है कि वुमनाइजर है। कुंठाग्रस्त होने पर गालियां देता है, मजाक करता है लेकन वो अकेला है। आप शाहरुख खान के आकर्षण और चंचलता से प्रभावित होने से नहीं बच सकते हैं।

अनुष्का शर्मा भी इस फिल्म में बहुत ही मजेदार लगी हैं और सेजल के किरदार में जंच रही हैं। शाहरुख और अनुष्का की जोड़ी स्क्रीन पर शानदार लगती है।

तकनीकी पक्ष

तकनीकी पक्ष

इम्तियाज अली की फिल्म खूबसूरत लोकेशन के बिना नहीं सोची जा सकती है? फिल्म आपको बहुत पसंद आए या ना आए लेकिन फिल्म देखकर आप लंबी छुट्टी पर जरूर जाना चाहेंगे। एम्सटर्डम, प्राग, बर्लिन, पुर्तगाल...और इस तरह से हमारे घूमने की लिस्ट लंबी होती जाती है।

केयू मोहनान ने हर लोकेशन की खूबसूरती को बहुत ही अच्छे से कैमरे में कैद किया है। वहीं इसके साथ फिल्म की लंबाई थोड़ी और छोटी हो सकती थी खासकर इसका सेकेंड हाफ।

म्यूजिक

म्यूजिक

इम्तियाज अली की बाकी फिल्मों की तरह इस फिल्म का म्यूजिक उतना अधिक नहीं पसंद किया गया लेकिन म्यूजिक आपका ध्यान खींचने में कामयाब होगा। राधा, हवाएं, सफर हमारा पसंदीदा है तो वहीं बीच बीच में भी अच्छा क्लब सॉन्ग है। फुर्र सुनने से ज्यादा देखने में अच्छा लगता है।

Verdict

Verdict

फिल्म में नुर महल से नीदरलैंड तक के सफर के बीच कई उतार चढ़ाव हैं। हालांकि शाहरुख खान और अनुष्का फिल्म में बहुत ही अच्छे लगे हैं और एक से बढ़कर एक खूबसूरत लोकेशन हैं। इसे देखकर आपकी भूख बढ़ते जाती है कि फिल्म में कुछ गहराई आएगी और कुछ लेकर वापस घर जाएंगे लेकिन आप जो तलाश रहे होते हैं वो आपको नहीं मिलता। आप अंत में 'सफर का ही था मैं सफर का रहा गुनगुनाते' हुए निकल जाते हैं।

English summary
Jab Harry met Sejal movie review story plot and rating, know how movie is.
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