Jaane Jaan Review: ओटीटी डेब्यू से इंप्रेस करती हैं करीना कपूर खान, लेकिन बाजी मार ले जाते हैं जयदीप अहलावत

Rating:
3.0/5

jaane-jaan-movie-review-kareena-kapoor-khan-impresses-in-her-ott-debut-but-jaideep-ahlawat-outshines

निर्देशक- सुजॉय घोष
कलाकार- करीना कपूर खान, जयदीप अहलावत, विजय वर्मा
प्लेटफॉर्म- नेटफ्लिक्स

करीना कपूर खान ने 'जाने जान' के प्रमोशन के दौरान इसे अपने करियर की सबसे खास फिल्मों में शामिल किया था क्योंकि वो पहली बार किसी मिस्ट्री- थ्रिलर फिल्म का हिस्सा बनी हैं। बॉलीवुड में दो दशकों तक राज करने के बाद, उन्होंने 'जाने जान' के साथ ओटीटी डेब्यू किया। वहीं, किसी भी मिस्ट्री- थ्रिलर के साथ जब सुजॉय घोष जैसे निर्देशक का नाम जुड़ जाता है, तो आप एक दमदार और दिलचस्प कहानी के अलावा कुछ नहीं सोच सकते। लेकिन क्या फिल्म दर्शकों की उम्मीदों के साथ न्याय कर पाती है? जानते हैं आगे।

'जाने जान' जापानी लेखक कीगो हिगाशिनो (Keigo Higashino) के उपन्यास डिवोशन ऑफ सस्पेक्ट एक्स पर आधारित है। जिस पर अजय देवगन अभिनीत 'दृश्यम' भी बनाई जा चुकी है। लिहाजा, 'जाने जान' देखते हुए आपको कई बार 'दृश्यम' की याद आएगी.. और ये बात आपको परेशान भी करेगी।

कहानी

फिल्म माया डिसूजा (करीना कपूर खान) के इर्द गिर्द घूमती है, जो अपनी बेटी के साथ कलिम्पोंग में रहती है और एक कैफे चलाती है। कई सालों के बाद, एक दिन अचानक उसका पति कलिम्पोंग पहुंचता है और उसकी हत्या कर दी जाती है। मर्डर के मामले में माया को मुख्य संदिग्ध माना जाता है, जिसकी जांच की जिम्मेदारी मिलती है करण आनंद (विजय वर्मा) को। इस बीच, माया का पड़ोसी नरेन (जयदीप अहलावत), जो एक टीचर है और करण का कॉलेज मित्र भी है, खुद को मामले के बीच में पाता है। इस मर्डर मिस्ट्री में कैसे तीनों उलझते हैं, यही फिल्म की कहानी है..

jaane-jaan-movie-review-kareena-kapoor-khan-impresses-in-her-ott-debut-but-jaideep-ahlawat-outshines

निर्देशन व तकनीकी पक्ष

जापानी उपन्यास से प्रेरित इस फिल्म की पटकथा को सुजॉय घोष और राज वसंत ने लिखा है। इसकी कहानी में वो सभी जरूर पक्ष मौजूद हैं, जो एक दमदार मिस्ट्री- थ्रिलर फिल्म में होनी चाहिए। उम्दा लोकेशन से लेकर एक बांधे रखने वाला रहस्य और प्रभावी कलाकार। लेकिन कहानी जिस तरह से आगे बढ़ती है, वहां कमी नजर आती है। फिल्म का फर्स्ट हॉफ काफी धीमा है। सेकेंड हॉफ में फिल्म तेजी पकड़ती है, लेकिन क्लाईमैक्स की प्रस्तुति ऐसी है कि निराशा ही हाथ लगती है। किसी भी क्राइम- थ्रिलर के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है.. क्लाईमैक्स। ऐसे में यदि वहां आप संतुष्ट नहीं हो पाए तो कहानी का प्रभाव आधा रह जाता है।

अविक मुखोपाध्याय की सिनेमेटोग्राफी बेहतरीन है और कहानी को एक लय देती है। उन्होंने कलिम्पोंग को खूबसूरती को शानदार फिल्माया है। सचिन- जिगर का संगीत भी औसत से ऊपर है। वहीं, उर्वशी सक्सेना की एडिटिंग थोड़ी ढ़ीली रह गई।

jaane-jaan-movie-review-kareena-kapoor-khan-impresses-in-her-ott-debut-but-jaideep-ahlawat-outshines

अभिनय

माया के किरदार में करीना कपूर खान प्रभावी हैं। वो एक ही समय पर मासूम भी दिख जाती हैं और षडयंत्रकारी भी.. मजबूत और आकर्षक भी.. और अगले ही पल कमजोर भी। लेकिन कहना गलत नहीं होगा कि जयदीप अहलावत यहां अपने अभिनय से सारी लाइमलाइट ले जाते हैं। माया के पड़ोसी के किरदार में एक रहस्य है, जिसे जयदीप बहुत ही दमदार तरीके से पर्दे पर लेकर आते हैं। निर्देशक ने नरेन के किरदार को काफी गहनता से बुना है। वहीं, विजय वर्मा अपने किरदार के साथ न्याय करते हैं। माया की बेटी, तारा डिसूजा के रोल में नायशा खन्ना ने अच्छा काम किया है।

रेटिंग

सुजॉय घोष के निर्देशन में बनी जाने जान एक औसत मिस्ट्री थ्रिलर है। पटकथा के स्तर पर कई कमियां हैं, लेकिन करीना कपूर, जयदीप अहलावत और विजय वर्मा अपने अभिनय से कहानी को एक ऊंचाई देते हैं। खासकर यदि जयदीप के काम को पसंद करते हैं.. तो इस फिल्म को एक बार जरूर देखा जा सकता है। फिल्मीबीट की तरफ से 'जाने जान' को 3 स्टार।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X