आपको गुदगुदाएगी साजिद की 'हाउसफुल 2'
निर्माता: साजिद नाडियाडवाला
निर्देशक: साजिद खान
संगीत: साजिद-वाजिद
कलाकार: अक्षय कुमार, असिन, जॉन अब्राहम, जैकलीन फर्नांडिस, रितेश देशमुख, जरीन खान, श्रेयस तलपडे, शाजान पद्मसी, ऋषि कपूर, रणधीर कपूर, मिथुन चक्रवर्ती, बोमन ईरानी, जॉनी लीवर, चंकी पांडे, मलाइका अरोरा खान
रेटिंग: 3/5
इस शुक्रवार आपका मंनोरंजन करने के लिए आई है 'हाउसफुल 2', साजिद खान ने हाउसफुल की कहानी को थोड़ा बहुत उलट पुलट कर, और काफी सारे कलाकार डालकर इस फिल्म को मनोरंजक बनाने की कोशिश की है। क्या वह इस मिशन में कामयबा हो पाये हैं इस बात का पता आपको आगे चल ही जाएगा।
फिल्म की कहानी सिंपल सी है, कुछ गलतफहमियों के साहरे पूरी कहानी को खींचा गया है। कहानी को आगे बढ़ाने के लिए दमदार कलाकार रखे गये हैं। जैसे सनी, अक्षय कुमार और मैक्स, जॉन अब्राहम कॉलेज में अच्छे दोस्त थे। फिर उनके बीच दुश्मनी हुई? फिर दोस्ती। जेडी यानि मिथुन चक्रवर्ती का अतीत भी काफी दिलचस्प है।
हाउसफुल 2 हाउसफुल का सीक्वल है। चार बेटियों, उनके चार पिताओं और उनके होने वाले चार दामादों की। पिता चाहते हैं कि उनकी बेटियों की शादी बहुत ही अमीर लड़के से हो ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। लड़कियां सोचती हैं कि वे जिन लड़कों से शादी कर रही हैं वो बहुत अमीर हैं। और दामाद सोच रहे हैं वे बहुत ही अमीर लड़की से शादी कर रहे हैं।
इंटरवल के बाद कुछ देर के लिए फिल्म थोड़ी उबाउ लगती है। विंदू दारा सिंह के गुंडों के साथ अक्षय, जॉन, रितेश और श्रेयस की फाइटिंग वाला सीन केवल फिल्म की लंबाई बढ़ाता है। वहीं बोमन ईरानी वाला सीन भी बोर करता है, लेकिन अंत में फिल्म फिर ट्रेक पर आ जाती है।
निर्देशक साजिद खान ने अपनी टारगेट ऑडियंस को खुश करने के लिए सारे बड़े चेहरों को अपनी फिल्म में मौका दिया है। रंजीत, जो कि सत्तर और अस्सी के दौर की फिल्मों में के मशहूर विलन थे उन्हें अक्षय कुमार का पिता बनाया है। फिल्म की लंबाई पर भी साजिद का ध्यान नहीं है इ सके कुछ दृश्य हटाए जा सकते हैं।
कलाकारों की अगर बात करें तो अक्षय कुमार बेहतरीन फॉर्म में नजर आए। उनकी डायलॉग डिलेवरी और एक्सप्रेशन बढ़िया हैं। जॉन अब्राहम की एक्टिंग खराब है, लेकिन इस कॉमेडी फिल्म में उनकी इस कमी को खूबी बनायी गयी है। रितेश देशमुख अच्छे हास्य कलाकार हैं, लेकिन वो कुछ खास नहीं कर पाये। श्रेयस को केवल भीड़ बढ़ाने के लिए ही लिया गया है। हीरोइनों में असिन और जैकलीन को ज्यादा मौके मिले हैं जिसमें असिन बेहतर रही हैं।
मिथुन और अक्षय के बीच के सीन अच्छे लिखे गए हैं। रणधीर कपूर और ऋषि कपूर हंसाने में सफल रहे हैं। बोमन ईरानी ने जमकर ओवर एक्टिंग की है। जॉनी लीवर ने भी अपना काम बखूबी किया है।
संगीत के बारे में बात करें तो कुछ गाने अच्छे हैं तो कुछ ब्रेक लेने के काम आते हैं। 'पप्पा तो बैंड बजाए', 'राइट नाऊ' और 'अनारकली' यूथ के बीच काफी पॉपुलर हो चले हैं। कुल मिलाकर साजिद दर्शकों को हंसाने में कामयाब रहे हैं, आप इस हफ्ते इस फिल्म को देखने जा सकते हैं।


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