हीरो रिव्यू- इमोशनलेस लव स्टोरी
"प्यार करने वाले कभी डरते नहीं, जो डरते हैं वो प्यार करते नहीं".. कुछ ऐसे ही जज्बातों से सजी है सूरज पंचोली और आथिया शेट्टी स्टारर 'हीरो' फिल्म। 1983 में सुभाष घई ने जैकी श्रॉफ को फिल्म हीरो से लॉंच किया था और वहीं 2015 में सलमान खान ने सूरज पंचोली और आथिया को हीरो से लॉंच किया है। लेकिन दोनों फिल्मों में अंतर है तो अभिनय के स्तर का।
लेकिन ये कहना गलत ना होगा कि उस लव स्टोरी और इस लव स्टोरी में जमीन आसमान का अंतर रहा। फिल्म के पहले ही सीन से सूरज के चेहरे पर एक भी एक्सप्रेशन देखने को नहीं मिले। हालांकि सूरज में वो सबकुछ है जो कि एक स्टार में होना चाहिए लेकिन बस एक्टिंग की कमी है।

वहीं आथिया शेट्टी ने सूरज से कहीं ज्यादा मेहनत की एक्सप्रेशन लाने में, और कहीं कहीं पर वो कामयाब भी रहीं। हीरो फिल्म हिट होगी इस बता से इंकार नहीं लेकिन फिल्म बहुत सारे प्वाइंट्स पर फेल हुई है।


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