फिल्म रिव्यू: हवाईज़ादा...इस हवाईजहाज़ ने उड़ान भरी ही नहीं!
आयुष्मान खुराना, पल्लवी शारदा और मिथुन चक्रवर्ती बिना पंखों के उड़ने की एक नाकाम कोशिश करने के बाद दर्शकों को निराश करते हैं। हवाईज़ादा एक उलझी हुई और बोरियत भरी कहानी है जिसे उतने ही फीके ढंग से परोसा गया है। फिल्म में अभिनय के नाम पर थोड़ी ओवरएक्टिंग है, ड्रामा के नाम पर चीखते चिल्लाते लोग।
फिल्म कहानी है शिवकर बापूजी तलपड़े की जिन्हें भारत के राइट ब्रदर्स कहा जा सकता है। जी हां, शिवकर तलपड़े को सबसे पहला हवाई जहाज़ बनाने का श्रेय (नहीं दिया गया) देने की मांग की जाती रही है। और हवाईज़ादा उनके इसी सपने की कहानी है। फिल्म में शिवकर बापूजी तलपड़े का किरदार निभाते हैं आयुष्मान खुराना जो बिल्कुल फीके नज़र आते हैं।
दर्शक किसी हवाईउड़ान की कल्पना करते हैं, इंतज़ार करते हैं कि कभी तो ये विमान उड़ान भरेगा लेकिन हवाईज़ादा निराश करती है। हालांकि फिल्म के कुछ पक्ष दर्शकों को काफी पसंद आए। देखिए हवाईज़ादा का ये रिव्यू -


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